Hindi Nios Plus Two PQ – I Welcome to your Hindi Nios Plus Two PQ - I Total Questions: 150 Name Mobile No: 1. निम्नलिखित में से कंप्यूटर क्या नहीं कर सकता? अनगिनत संख्याओं की पहचान वर्तनी शुद्ध करना लंबे समय तक निर्देशों का पहचान प्रयोक्ता की आवाज की पहचान None Hint 2. ओ बी वैन के प्रचलन से क्या सुविधा होने लगी है? संपादकीय लेखन आसान हो गया मोबाइल से समाचार भेजने की समाचारों का सीधा प्रसारण संभव हुआ दूरदर्शन पर विज्ञापन दिखाने की None Hint 3. 'प्रियतम' शब्द का विलोम क्या होगा? अच्छा प्रेमी प्यारा अप्रिय None Hint 4. "काज पर कछु और है" यह किस कवि की पंक्ति है? तुलसी बिहारी रहीम मुक्तिबोध None Hint 5. 'हो गई है पीर पर्वतों सी' पंक्ति के संदर्भ में लिखिए कि 'पीर का पर्वतों के समान होना से क्या अभिप्राय है? ऊँचा होना विशाल होना दुर्गम होना अगम्य होना None Hint 6. 'चीफ की दावत' पाठ में शामनाथ किस वर्ग का प्रतिनिधित्व कर रहा है? मध्यम वर्ग का निम्न वर्ग का सामान्य वर्ग का उच्य वर्ग का None Hint 7. औपचारिक पत्र का भेद नहीं है: बधाई पत्र सरकारी सरकारी कामकाज संबंधी संबंधियों को लिखे गए पत्र None Hint 8. आप अपने जीवन की किसी आश्चर्यजनक घटना का अनुभव लगभग 40 शब्दों में लिखिए। स्कूल जाते समय मैं रोज बस पकड़ता हूँ, और बस समय पर आ जाती है। एक बार परीक्षा के दिन सुबह मैं देर से उठा और सोच रहा था कि पेपर छूट जाएगा, लेकिन जैसे ही पहुँचा, पेपर देर से शुरू हुआ। यह मेरे लिए चमत्कार जैसा अनुभव था। छुट्टियों में मैंने दोस्तों के साथ मस्ती की और पिकनिक मनाई। एक बार मैं पार्क में खेल रहा था, और अचानक बिजली चली गई। None Hint 9. अंत में मिल मालिक ने क्या उपाय अपनाया? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। मजदूरी दोगुनी कर दी। मशीनें लगवा दीं। मजदूरों को निकाल दिया। मजदूरी आधी कर दी और दोगुने मजदूर रख लिए। None Hint 10. कलम से किनकी जय बोलने के लिए कहा जा रहा है? और क्यों? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। कवियों की शहीद स्वतंत्रता सेनानियों की नेताओं की सैनिकों की None Hint 11. सरकारी पत्रों में पृष्ठांकन होता है। गलत आवश्यक नहीं कभी-कभी सही None Hint 12. 'पृथ्वी' का पर्यायवाची शब्द कौन-सा है? अग्नि भूमि जल आकाश None Hint 13. हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में क्या अंतर है? हार्डवेयर दृश्य होता है, सॉफ्टवेयर अदृश्य दोनों केवल मेमोरी हैं सॉफ्टवेयर बिना बिजली चलता है हार्डवेयर एक ऐप है None Hint 14. 'परशुराम के उपदेश' कविता के संदर्भ में 'चट्टानों की छाती से दूध निकालो' से क्या अभिप्राय है? विपरीत परिस्थितियों में अपना मस्तक ऊँचा रखना विपरीत परिस्थितियों में अपना लक्ष्य प्राप्त करी चट्टानों से अमृत निकालना चट्टानों से जलधारा निकालना None Hint 15. 'होत होत ही होय' पंक्ति में अलंकार है: श्लेष अनुप्रास यमक उपमा None Hint 16. 'पदमाकर' द्वारा रचित कविता में किस त्योहार का वर्णन किया गया है? होली दीवाली दशहरा वसंत पंचमी None Hint 17. मिल मालिक अजीब बातें क्यों सोचता था? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। उसे विज्ञान में रुचि थी। वह मजदूरों की मदद करना चाहता था। वह सारा संसार अपनी मिल बनाना चाहता था। वह मजदूरी बाँटना चाहता था। None Hint 18. 'अधीरता' शब्द में कौन-सा उपसर्ग है? अ धीर अधीर ता None Hint 19. भास्कराचार्य का संबंध था: भौतिकी गणित और खगोल रसायन धातु विज्ञान None Hint 20. 'आँधियों नहीं जिसमें उमंग भरती है' पंक्ति में आँधी' प्रतीक है: क्रांति तेज हवा बाधाएँ बदलाय None Hint 21. अत्याचार, पालक (उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए) अत्याचार = अत्य + चार, पालक = पालक (कोई प्रत्यय नहीं) अत्याचार = आ + आचार, पालक = पाल + इक अत्याचार = अत + याचार, पालक = पालक + ण अत्याचार = अत्य + आचार, पालक = पाल + अक None Hint 22. गद्यांश से शिक्षा ग्रहण की जा सकती है: निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। परिस्थितियों का विरोध करना परिस्थितियों से तालमेल बनाके रखना विवेक के काम न लेना अपनी हठता पर अडिग बने रहना None Hint 23. अच्छे पत्र का गुण नहीं है: सरलता संक्षिप्तता क्लिष्टता प्रभावशीलता None Hint 24. "जीवन, रह जाय चुप निर्द्वन्द्व" मौन कविता की इस पंक्ति से कवि क्या कहना चाहता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : कवि कहना चाहता है कि जीवन को बिना किसी द्वंद्व, संघर्ष और शोर-शराबे के शांतिपूर्वक जीना चाहिए। यह पंक्ति दर्शाती है कि सच्चा सुख और संतोष बाहरी आडंबर या शोरगुल में नहीं, बल्कि मौन और भीतर की शांति में है। कवि चाहते हैं कि मनुष्य बाह्य दिखावे से दूर रहकर भीतर की सच्चाई से जुड़ जाए। कवि इस पंक्ति से यह कहना चाहते हैं कि जीवन को बिना किसी विचार, संघर्ष या उद्देश्य के निष्क्रिय रह जाना चाहिए, जिससे कोई दुख या जिम्मेदारी न हो। यह एक प्रकार की पलायन की भावना है। None Hint 25. 'नेह-जल' में कौन-सा अलंकार है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। अतिशयोक्ति रूपक मानवीकरण उत्प्रेक्षा None Hint 26. इस कविता के कवि और काव्यशैली का नाम क्या है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** कबीर – निर्गुण भक्ति काव्य रहीम – रीतिकाव्य तुलसीदास – रामभक्ति काव्य अज्ञात – नीति काव्य None Hint 27. गद्यांश के पाठ का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए:हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। यक्ष युधिष्ठिर संवाद दो कलाकार कुटज सुभद्राकुमारी चौहान None Hint 28. “निरपराधी व्यक्ति को सजा नहीं मिलनी चाहिए।” वाक्य का शुद्ध रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : निरपराध व्यक्ति को दंड नहीं होना चाहिए। निर्दोष व्यक्ति को दंड नहीं मिलना चाहिए। निरपराध व्यक्ति को सजा नहीं मिलनी चाहिए। निरपराधी व्यक्ति को दंड नहीं मिलना चाहिए। None Hint 29. भरत की आँखें सदैव किसकी प्यासी बनी रही? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राम के दर्शनों की माता कैकयी के प्रेम की राम के प्रेम की राजा दशरथ के प्रेम की None Hint 30. किसके नेत्रों से अबु बहने लगे? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। कैकयों राम भरत मुनि None Hint 31. समाचार का संकलन कौन करते हैं? संवाददाता पाठक संपादक दर्शक None Hint 32. 'सुख-दुःख' में कौन-सा समास है? कर्मधारय बहुव्रीहि तत्पुरुष द्वंद्व None Hint 33. इस कविता का मूल संदेश क्या है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** युद्ध और वीरता का चित्रण क्रोध और संघर्ष का महत्व जीवन की नश्वरता का भाव बलिदान और सेवा भावना None Hint 34. तुलसी ने रामचरितमानस में सर्वाधिक किस छंद का प्रयोग किया है?* चौपाई दोहा सवैया सोरठा None Hint 35. 'नवरस' शब्द का संधि विच्छेद क्या है? नव + रस्स नवा + रस नव + रस नव: + रस None Hint 36. शामनाथ और उसकी पत्नी को पसीना पोंछने की फुर्सत क्यों नहीं थी? घर को व्यवस्थित करने के कारण नौकर के अचानक छुट्टी पर चले जाने के कारण काम करने की आदत न होने के कारण चौफ की दावत का प्रबंध करने के कारण None Hint 37. 'नीलाम्बर' में कौन-सा समास है? बहुव्रीहि अव्ययीभाव द्वंद्व तत्पुरुष None Hint 38. वह उठ नहीं सकता। (भाववाच्य में वाक्य) उठ नहीं सकता वह। उसके द्वारा उठना संभव नहीं है। वह उठता नहीं है। उससे उठाया नहीं जा सकता। None Hint 39. 'उनकी रेखाएँ और रंग......... चटकीले होते चलते हैं।' वाक्य में प्रयुक्त 'रेखाएँ और रंग' संकेत करते हैं: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। बनावट और दृश्यता की और आकृति और वर्ण-विन्यास की और जीवन और व्यक्तित्व की ओर रंग-रूप और वेशभूषा की ओर None Hint 40. राम के स्वभाव की क्या विशेषता है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। दृढ़ता पूर्वक बोलना अपराधी पर भी क्रोध न करना चोटों से प्रेम न करना गुरुजनों पर क्रोध करना None Hint 41. सामयिक और रोजमर्रा के टिप्पण को नेमी टिप्पण कहते हैं। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : सही — क्योंकि ये केवल आदेशात्मक होते हैं गलत — इन्हें विशिष्ट टिप्पण कहा जाता है गलत — इन्हें स्थायी टिप्पण कहा जाता है सही — इन्हें नेमी टिप्पण कहा जाता है None Hint 42. 'मी पर कृपा स्नेहु विसेषी' पंक्ति में 'मी' किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। वशिष्ठ तक्ष्मण राम भरत None Hint 43. वार्धक्य का अर्थ है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। जवानी बुढ़ापा सुप्तावस्था शैशवावस्था None Hint 44. 'वह तोड़ती पत्थर' कविता में 'वह' से क्या संकेत है?* एक देवता से एक रानी से एक श्रमिक स्त्री से एक शिक्षिका से None Hint 45. इस पाठ के लेखक हैं:* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। कन्हैया प्रभाकर हरिशंकर परसाई राजेंद्र यादव रामचंद्र शुक्ल None Hint 46. द्विवेदी युग के काव्य की विशेषताओं में शामिल नहीं है: नीति और आदर्श प्रकृति वर्णन मानवतावाद समाज सुधार None Hint 47. सोना और धतूरा की तुलना किस कवि ने की है? रहीम मुक्तिबोध बिहारी तुलसी None Hint 48. पठित, संयुक्त (विलोम शब्द चुनिए) टालना, मिलाना अपठित, पृथक समझ, खुला सरल, जोड़ None Hint 49. गद्यांश के रचयिता का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। सुभद्राकुमारी चौहान महावीर प्रसाद द्विवेदी राजेन्द्र यादव महादेवी वर्मा None Hint 50. हिंदी साहित्य की सूफी काव्य की विशेषता में शैली है: पहलवी भसनवी बारहमासा अवधी None Hint 51. 'लिए बिना गर्दन का मोल' का क्या आशय है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। बिना किसी स्वार्थ या लाभ के बलिदान देना गर्दन का मूल्य लेकर बलिदान देना सम्मान के बदले जान देना सिर झुकाकर बलिदान देना None Hint 52. 'भेड़िया' कविता में भेड़िया प्रतीकार्य है: हिंसा का शोषक वर्ग का सामूहिक चेतना का शोषित वर्ग का None Hint 53. दैत्यारि, तपःभूमि (संधिच्छेद चुनिए) दैत्यारि = दैत्य + रि, तपःभूमि = तपः + भूमि दैत्यारि = दैत्य + आरी, तपःभूमि = तप + भूमि दैत्यारि = दैत्य + अरि, तपःभूमि = तपः + भूमि दैत्यारि = दैत्य + ऋ, तपःभूमि = तपो + भूमि None Hint 54. गद्यांश से लेखक की धारणा स्पष्ट होती है: निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। कठोरता और मृदुता की दृढ़ता और जड़ता की दृढ़ता और जीवंतता की हठता और अहंभावना की None Hint 55. कुटन को 'बडभागी' क्यों कहा गया है? रहीम के काम आने के कारण फूलों से लदा होने के कारण रामगिरि पर्वत श्रृंखला पर होने के कारण कालिदास के काम आने के कारण None Hint 56. 'वह तोड़ती पत्थर' कविता में किस ऋतु का वर्णन है? ग्रीष्म हेमंत शरद शिशिर None Hint 57. 'अतिशय' और 'लेखक' से उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए: व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : अति+शय, लेख+क अति+श, ले+खक अति+शय, लेख+ख अत+ई+शय, ले+खक None Hint 58. उत्पादन बढ़ाने के लिए मालिक ने क्या उपाय सोचा? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। मशीनों को आराम देना। मजदूरों को चार हाथ देना। मिल को बंद करना। मजदूरों को अधिक वेतन देना। None Hint 59. गद्यांश के पाठ का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। कुटज यक्ष-युधिष्ठिर संवाद दो कलाकार सुभद्राकुमारी चौहान None Hint 60. कंप्यूटर पर काम करना आसान क्यों है? इसमें बिजली की ज़रूरत नहीं होती यह धीमा होता है यह भाषाएँ नहीं समझता यह निर्देशों पर तेजी से काम करता है None Hint 61. वह अनेकों मामलों में गवाह था। (शुद्ध वाक्य चुनिए) वह अनेक मामलों में गवाह था। वह अनेकों मामलों में गवाह था। वह अनेक मामले में गवाह था। वह अनेकों मामला में गवाह था। None Hint 62. 'शैशव की चित्रशाला...... गहरा होता है' पंक्ति में प्रयुक्त 'चित्रों' से अभिप्राय है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। घटनाओं से व्यक्तियों से तस्वीरों से वस्तुओं से None Hint 63. “इतिहासिक, आशिवार्द” — इनका शुद्ध रूप क्या है? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : एतिहासिक, आशिर्वाद इतिहासक, असीर्वाद ऐतिहासिक, आशीर्वाद ऐतिहासिक, आशीर्वर्ध None Hint 64. 'पीड़ियाँ और गिट्टियाँ' पाठ के वयोवृद्ध साहित्यकार जेब में क्या रखकर घूमते थे? सुनने वाली मशीन मोटा चश्मा पाचन चूरन निमोनिया की दवा None Hint 65. 'अनपढ़ बनाए रखने की साजिश' पाठ के लेखक हैं: प्रेमचंद राजेन्द्र यादव राजेंद्र अवस्थी हजारी प्रसाद द्विवेदी None Hint 66. “यथासमय” — इसका समास विग्रह और प्रकार क्या है? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : यथा के अनुसार समय – अव्ययीभाव समास यथा समय – द्वंद्व समास समय अनुसार – कर्मधारय समास यथा समय – तत्पुरुष समास None Hint 67. रामचरितमानस' किसकी रचना है? दिनकर तुलसी रहीम मुक्तिबोध None Hint 68. 'हमारी सोसायटी में दो गार्ड हैं' कथन प्रयुक्ति के आधार पर किस भेद के अंतर्गत आता है? सामान्य व्यवहार या बोलचाल की हिंदी संचार माध्यम की हिंदी कार्यालयी हिंदी साहित्यिक हिंदी None Hint 69. एजूसेट का क्या उपयोग है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: फिल्म देखने के लिए ऑनलाइन गेम के लिए सरकारी दस्तावेज़ स्कैन करने के लिए दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने के लिए None Hint 70. None 71. स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के साक्षी कौन हैं? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। सूर्य, चंद्रमा, भूगोल, खगोल नेता आम जनता इतिहासकार None Hint 72. 'परशुराम के उपदेश' कविता में दिनकर जी की भाषागत विशेषताएँ क्या हैं? शृंगारिक और कोमल भावों वाली भाषा नीति और उपदेशों से युक्त संस्कृतनिष्ठ भाषा सरल और बालोपयोगी भाषा ओजपूर्ण और वीर रस से भरपूर भाषा None Hint 73. कष्टप्रद स्थिति में जीवन धारण करने वाले कुटज के समान अपने जीवन की किसी घटना का उदाहरण दीजिए। निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। मित्र के साथ क्रिकेट खेलना। महामारी में मोबाइल न होते हुए भी पढ़ाई जारी रखना। गर्मी की छुट्टियों में यात्रा करना। परीक्षा में कम अंक आना। None Hint 74. वैदिक युग के लोग प्रयोग नहीं करते थे: कौसा लोहा ताँबा चाँदी None Hint 75. 'अस्वस्थ होने वाला' के लिए एक शब्द क्या है? निरोगी स्वस्थ डॉक्टर रोगी None Hint 76. अनुच्छेद में 'कुल्हाड़ी-कुल्हाल' किनके प्रतीक हैं? निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। दृढ़ता और सरलता के कठोरता के काट-छाँट के नष्ट करने के None Hint 77. ‘दीन-दयाल-निवाय’ में कौन-सा अलंकार है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** उपमा श्लेष अनुप्रास यमक None Hint 78. 'उनकी रेखाएँ और रंग चटकीले होते चलते हैं।' वाक्य में प्रयुक्त 'रेखाएँ और रंग' संकेत करते हैं। दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। आकृति और वर्ग-विन्यास की और रंग-रूप और वेशभूषा की ओर बनावट और दृश्यता की ओर जीवन और व्यक्तित्व की और None Hint 79. 'उत्सव' शब्द के पर्यायवाची कौन-से हैं? उपवास, आयोजन पर्व, त्योहार दुख, आपदा यज्ञ, होम None Hint 80. 'चीफ की दावत' पात साहित्य की किस विधा में लिखा गया है? एकांकी निबंध संस्मरण कहानी None Hint 81. बड़ों के सम्मुख मुँह न खोलना,________________ | निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। शिष्टाचार की परंपरा है दबाव सहन करना है उन्हें प्रसन्न रखना है उनसे डरना है None Hint 82. भरत की आँखे सदैव किसकी प्यासी बनी रही? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राजा दशरथ के प्रेम की राम के प्रेम की राम के दर्शनों की माता कैकयी के प्रेम की None Hint 83. “एक जंगल में दो शेर रहते थे।” — इसका संयुक्त वाक्य रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : दो शेर एक जंगल में रहते थे। जंगल में दो शेर थे और वे रहते थे। दो शेर जंगल में रहते थे। एक जंगल में दो शेर रहते थे, इसलिए वह प्रसिद्ध था। None Hint 84. सुपर कंप्यूटर किसे कहते हैं? मिनी कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर डेस्कटॉप कंप्यूटर None Hint 85. वार्धक्य का अर्थ है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। जवानी सुप्तावस्था बुढ़ापा शैशवावस्था None Hint 86. लेखिका और सुभद्राकुमारी के बीच किस प्रकार के संबंध थे? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। पारीवारिक कामकाजी रागात्मक औपचारिक None Hint 87. 'शैशव की चित्रशाला गहरा होता है' पंक्ति में प्रयुक्त' चित्रों' से अभिप्राय है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। घटनाओं से तस्वीरों से व्यक्तियों से वस्तुओं से None Hint 88. ग्रीष्म ऋतु के जाते ही वर्षा ऋतु आ गई। (संयुक्त वाक्य चुनिए) ग्रीष्म ऋतु के जाते ही, वर्षा ऋतु का इंतजार हुआ। ग्रीष्म ऋतु गई, और वर्षा ऋतु आ गई। ग्रीष्म ऋतु जाएगी तभी वर्षा ऋतु आएगी। वर्षा ऋतु तब आती है जब ग्रीष्म ऋतु जाती है। None Hint 89. कुमुद युद्ध में कुंजर सिंह के साथ क्यों जाना चाहती है? देवी सिंह की महत्त्वाकांक्षापर अपना बलिदान देना चाहती है नरपति सिंह से पीछा छुड़ाने के कारण कुंजर सिंह से प्रेम करने के कारण अलीमर्दान से डर जाने के कारण None Hint 90. इतिहास को अंधा क्यों कहा है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। वह भुलक्कड़ होता है वह सब कुछ देख नहीं सकता उसमें चित्र नहीं होते उसमें जानकारी नहीं है None Hint 91. पाठ्यपुस्तक में संकलित पद्माकर का काव्य-पाठ किस बंद में लिखा गया है? कुंडलिया चौपाई दोहा सवैया None Hint 92. गुरुत्वाकर्षण शक्ति किसे कहते हैं? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: चुम्बकीय शक्ति प्रेरण शक्ति गुरुत्वाकर्षण शक्ति विद्युत शक्ति None Hint 93. यह गद्यांश किस पाठ से लिया गया है?* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। दो कलाकार गद्य कैसे पढ़ें आखिरी चट्टान एक था पेड़ एक था दूँठ None Hint 94. सुश्रुत संहिता किस पद्धति का ग्रंथ है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: होम्योपैथी आयुर्वेद धातुविज्ञान तंत्र None Hint 95. 'पाच्य' और 'नूतन' के विलोम शब्द चुनिए: व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : अपाच्य, पुराना सुपाच्य, पुरातन अपाच्य, प्राचीन सुपाच्य, जर्जर None Hint 96. इसमें लेखक क्या संदेश देना चाहता है? लिखिए। निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। कठिन परिस्थितियों में भी सुंदरता और आशा को बनाए रखना चाहिए। केवल प्रकृति ही सबसे बड़ी प्रेरणा है। जीवन की समस्याओं से भाग जाना चाहिए। जीवन को मौन और कठोरता से जीना चाहिए। None Hint 97. 'चीफ की दावत' पाठ के लेखक का क्या नाम है? मोहन राकेश अमृतलाल नागर मन्नू भंडारी भीष्म साहनी None Hint 98. अंतराविभागीय टिप्पण सहायक स्तर और अधिकारी स्तर पर लिखे जाते हैं। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : केवल सहायक स्तर पर लिखे जाते हैं सहायक और अधिकारी दोनों स्तरों पर लिखे जाते हैं केवल अधिकारी स्तर पर लिखे जाते हैं क्लर्क स्तर पर ही लिखे जाते हैं None Hint 99. राजेंद्र यादव द्वारा संपादित पत्रिका का नाम है: काँटे की बात हंस प्रथम प्रेम कहानी None Hint 100. “बालक दौड़ता है।” — इसका भाववाच्य रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : बालक दौड़ रहा है। दौड़ बालक द्वारा की जाती है। दौड़ा जाता है। दौड़ना हो रहा है। None Hint 101. 'वह तोड़ती पत्थर' किस कवि की रचना है? तुलसी सूर्यकांत त्रिपाठी निराला रहीम महादेवी वर्मा None Hint 102. 'बारे उजियारी करें' पंक्ति में अलंकार है: श्लेष यमक अतिशयोक्ति उपमा None Hint 103. 'बूढ़ा आदमी बहुत प्रकार मन करे' — यह वाक्य शुद्ध रूप में क्या होगा? बूढ़ा आदमी बहुत बूढ़ा है बूढ़ा आदमी मन करता है बूढ़ा आदमी किसी प्रकार काम करे बूढ़ा आदमी बहुत काम करना चाहता है None Hint 104. लेखिका और सुभद्राकुमारी के बीच किस प्रकार के संबंध थे? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। पारीवारिक औपचारिक कामकाजी रागात्मक None Hint 105. 'संयुक्त परिवार' कविता के आधार पर कवि की बेचैनी का कारण क्या है? कवि को अतिथि के बिना मिले लौट जाने की पीड़ा होती है। कवि को अपने पुराने घर की याद आती है। कवि घर के नियमों से नाराज़ होता है। कवि को आज की आधुनिक जीवनशैली अच्छी लगती है। None Hint 106. “है प्रभो अब यह जीवन नैया तुम्हीं पार लगाओगे” (विराम चिह्न सहित) है प्रभो, अब यह जीवन नैया तुम्हीं, पार लगाओगे। है प्रभो अब, यह जीवन नैया, तुम्हीं पार लगाओगे। है प्रभो! अब यह जीवन-नैया तुम्हीं पार लगाओगे। है, प्रभो! अब, यह जीवन नैया, तुम्हीं पार लगाओगे। None Hint 107. स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति हमारा क्या कर्तव्य है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। उन्हें सम्मान देना और उनके आदर्शों पर चलना केवल किताबों में पढ़ना उनके बलिदान को नजरअंदाज करना उन्हें भूल जाना None Hint 108. 'संयुक्त परिवार' कविता के कवि के घर से कभी कोई बिना मिले क्यों नहीं लौटा ? घरवालों के सद्व्यवहार के कारण संयुक्त परिवार होने के कारण आवभगत किए जाने के कारण घर में ताला नहीं लगे होने के कारण None Hint 109. सेल्यूलर जेल की नीचे की चार कोठरियों को 'काल कोठरियाँ' क्यों कहा जाता था? साफ-सफाई का उचित प्रबंधन होने के कारण काल के समान भयानक दिखाई दिए जाने के कारण फाँसी दी जाने से पहले कैदियों को वहाँ रखने के कारण कैदियों को सबसे पहले वहीं रखे जाने के कारण None Hint 110. “अन” प्रत्यय से बने दो शब्द कौन-से हैं? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : अनमोल, अनपढ़ ऊपर, अनाज अनजाना, अनोखा अनदेखा, अनपढ़ None Hint 111. सुभद्राकुमारी चौहान द्वारा रचित साहित्य किस विधा में लिखा गया है? कविता नाटक संस्मरण कहानी None Hint 112. चार हाथों का विचार मालिक को क्यों अच्छा लगा? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। काम कम हो जाता। काम तेज़ होता और मुनाफा बढ़ता। मजदूरों को सम्मान मिलता। मजदूरों को खुशी मिलती। None Hint 113. 'आषाढ़स्य प्रथम दिवसे' में यक्ष ने किन फूलों से मेषों को अभ्यर्थना की थी? मल्लिका कुटन नौलोत्पल बकुल None Hint 114. 'विराटा की पद्मिनी' उपन्यास के रचयिता कौन हैं? लक्ष्मीनारायण लाल जयशंकर प्रसाद रामचंद्र शुक्ल वृंदावनलाल वर्मा None Hint 115. अतीत और वर्तमान के बीच की समय की खाई बढ़ने पर क्या परिणाम निकलता है? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियाँ बढ़ने लगती हैं। सामाजिक दूरियाँ बढ़ने लगती हैं। हमारी स्मृतियाँ धूमिल पड़ने लगती हैं। हमारी स्मृतियों में परिवर्तन आने लगता हैं। None Hint 116. सूचना प्रौद्योगिकी का लाभ नहीं है: सामाजिक राजनीतिक जागरुकता समाचारों के प्रति रुचि का अभाव मनोरंजन शिक्षा का प्रचार प्रसार None Hint 117. निम्नलिखित में सत्य कथन है: अखबारों से जागरूकता नहीं आती मुद्रित माध्यम स्थायी नहीं है टी.वी. दृश्य श्रव्य माध्यम है श्रव्य माध्यम सुनाई नहीं पड़ता None Hint 118. 'अर्थ सरकारी पत्र मैत्री भाव में लिखे जाते हैं।' आंशिक रूप से सही आवश्यक नहीं सही गलत None Hint 119. पंचवटी (समास पहचानिए) बहुव्रीहि द्वंद्व कर्मधारय तत्पुरुष None Hint 120. बड़ों के सम्मुख मुँह न खोलना____________| निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। उन्हें प्रसन्न रखना है उनसे डरना है दबाव सहन करना है शिष्टाचार की परंपरा है None Hint 121. 'नेह-जल' में कौन-सा अलंकार है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। रूपक उत्प्रेक्षा मानवीकरण अतिशयोक्ति None Hint 122. किसी विभाग अथवा कार्यालय द्वारा अपने कर्मचारी को निर्देश देने के लिए 'कार्यालय आदेश' का प्रयोग किया जाता है। सही गलत संदेहास्पद संभवतः सही None Hint 123. 'थे कयां मुंहोधो महाँ कठ्या सस्ती, लिया री तराजां तोल' पंक्ति में तराजू पर तौलकर लेने से क्या अभिप्राय है? तराजू के पलड़े पर रख लेना सोच-समझकर निर्णय लेना नाप-तोलकर लेना बजन करके लिया जाना None Hint 124. यह अंश किस पाठ से लिया गया है और उसके लेखक कौन हैं? निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। कुटज – डॉ. रामकुमार वर्मा दो कलाकार – यशपाल गद्य कैसे पढ़ें – हजारी प्रसाद द्विवेदी आखिरी चट्टान – राहुल सांकृत्यायन None Hint 125. 'अपराधिहु पर कोह न काऊ' कहकर भरत राम के बारे में क्या कहना चाहते हैं? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : राम केवल अपने परिवार के प्रति कोमल हैं, लेकिन समाज के अन्य अपराधियों के प्रति कठोर हैं। भरत राम को एक सामान्य राजा के रूप में दिखाते हैं, जो नियमों के अनुसार सजा और इनाम देता है। राम अत्यंत दयालु, क्षमाशील और धर्मपरायण व्यक्ति हैं जो अपने प्रति अपराध करने वालों पर भी क्रोध नहीं करते। भरत इस पंक्ति के माध्यम से राम के आदर्श चरित्र की प्रशंसा करते हैं, जिसमें वे न्याय और करुणा का समन्वय करते हैं। यह राम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप को दर्शाता है, जो अपने जीवन में किसी के प्रति द्वेष या क्रोध नहीं रखते, चाहे सामने अपराधी ही क्यों न हो। None Hint 126. गद्यांश के रचयिता का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए:हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। सुभद्राकुमारी चौहान महादेवी वर्मा राजेन्द्र यादव महावीर प्रसाद द्विवेदी None Hint 127. “मुरारि, अधःगति” — संधि/संधिच्छेद क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : मु+रारि, अधगति मुरा+रि, अधः+गति मुर+आरि, अध+गति मुरारि, अधगति (कोई संधि नहीं) None Hint 128. रेडियो कैसा माध्यम है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: दृश्य-श्रव्य माध्यम श्रव्य माध्यम दृश्य माध्यम मुद्रित माध्यम None Hint 129. संचार माध्यमों से क्या लाभ होता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: सूचना, शिक्षा और जागरूकता मिलती है भाषाएँ नष्ट होती हैं केवल मनोरंजन होता है केवल व्यापार बढ़ता है None Hint 130. गुरु वशिष्ठ ने क्या किया? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। भरत के मन की बात कह दी राम के मन की बात कह दी राम को अयोध्या चलने को कहा भरत को चुप रहने को कहा None Hint 131. 'क्या भूलूँ क्या याद करूँ मैं' में कवि स्मृतियों के द्वंद्व से मुक्ति की कामना क्यों करता है? क्योंकि वह अपने अतीत को नकारता है। क्योंकि वह भविष्य में जीना चाहता है। क्योंकि स्मृतियाँ उसे बेचैन करती हैं। क्योंकि वह सब कुछ भूल जाना चाहता है। None Hint 132. टिप्पण पर सहायक किस ओर हस्ताक्षर करता है? ऊपर की ओर दाई ओर बाई और मध्य में None Hint 133. हिंदी साहित्य के भारतेंदु युग में कविताओं में प्रमुख स्वर रहा है: छायावाद प्रयोगवाद प्रेम और सौंदर्य देश भक्ति None Hint 134. प्रतिवेदन की प्रामाणिकता दिए गए साक्ष्यों तथा तथ्यों पर निर्भर करती है। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : साक्ष्यों तथा तथ्यों पर निर्भर करती है साक्ष्यों और तथ्यों पर निर्भर नहीं करती केवल अधिकारी के मत पर निर्भर होती है केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर निर्भर होती है None Hint 135. अतीत और बर्तमान के बीच की समय की खाई बढ़ने पर क्या परिणाम निकलता है? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। हमारी स्मृतियाँ धूमिल पड़ने लगती हैं। सामाजिक दूरियाँ बढ़ने लगती हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियाँ बढ़ने लगती हैं। हमारी स्मृतियों में परिवर्तन आने लगता हैं। None Hint 136. 'मन में नदियों में गंगा' — इस मुहावरे का अर्थ क्या है? मन में नदी बह रही हो गंगा जाना मन में हो मन को बहा देना मन पवित्र होना None Hint 137. संचार माध्यमों का उद्देश्य है: विद्यालय खोलना मनोरंजन करना भ्रष्टाचार फैलाना सूचना छिपाना None Hint 138. उज्वल, कवियत्री (शुद्ध रूप चुनिए) उज्ज्वल, कवियत्री उज्ज्वल, कवित्री उज्वल, कवित्री उज्जवल, कवियत्री None Hint 139. 'ई' प्रत्यय से बने दो शब्द कौन-से हैं? राजा, योद्धा मिठाई, चाय सुंदर, तेज रानी, दानी None Hint 140. महादेवी वर्मा की कविता में किन भावनाओं की अभिव्यक्ति हुई है?* प्रेम और हास्य देशभक्ति और युद्ध भावना सौंदर्य और प्रकृति वियोग, करुणा और आत्मबोध None Hint 141. लेखक की दृष्टि में कुटज के पेड़ को 'कूटज' कहना अधिक उचित क्यों है? गिरिकूट पर उत्पन्न होने के कारण छोटा-सा शानदार वृक्ष होने के कारण अद्भुत जिजीविषा के कारण मौसम की मार से बेअसर रहने के कारण None Hint 142. 'कब को टेरत दीन रट' दोहे में 'सांसारिक हया लगने' के उलाहने से भक्ति के कौन-से भाम की पुष्टि होती है? उचित विकल्प चुनकर लिखिए: (A) सख्यB) दास्य(C) अंतरंग(D) स्वामी केवल (D) (B) और (ID) दोनों (A) और (C) दोनों केवल (B None Hint 143. समाचारों के चयन और संपादन में किसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है? संपादक रिपोर्टर कैमरामैन फोटोग्राफर None Hint 144. 'मौन' कविता में कवि कैसे जीवन की कामना करता है?* विलासितापूर्ण जीवन की संघर्षमय जीवन की तेज और उत्तेजक जीवन की शांत और गहरे जीवन की None Hint 145. 'जड़' शब्द का सही अर्थ है:* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। मूल दूँठ स्थिर निर्जीव None Hint 146. 'मैं नीर भरी दुख की बदली' की पंक्ति 'नभ के नवरंग बुनते दुकूल' में कौन-सा अलंकार है? उपमा रूपक यमक अनुप्रास None Hint 147. भारतीय चिकित्सा पद्धति का सर्वप्रथम ज्ञान किस ग्रंथ में मिलता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: उपनिषद महाभारत ऋग्वेद अथर्ववेद None Hint 148. 'पीढ़ियाँ और गिट्टियाँ' पाठ में मंदिर में स्थापित देवताओं के नाराज होने का क्या कारण था? युवाओं द्वारा उनकी रॉयल्टी का प्रबंध न करना पेड़ों पर उनके झंडों का न लग पाना उनका बाग-बगीचों में नहीं घूम पाना युवाओं के द्वारा जीवन का आनंद लेना None Hint 149. प्रशासनिक कार्यों से संबंधित पत्रों में निम्नलिखित नहीं आता है: संवेदना पत्र अर्थ सरकारी पत्र परिपत्र कार्यालय ज्ञापन None Hint 150. रीतिकाल के रीतिपरक काव्य धारा के नीतिपरक रचनाओं के प्रमुख कवि हैं: बिहारी गिरिधर घनानंद मतिराम None Hint Time's up Share: admin Previous post Data Entry Nios plus two June 20, 2025 Next post Hindi Nios Plus Two PQ - II June 21, 2025