Hindi Nios Plus Two PQ – I Welcome to your Hindi Nios Plus Two PQ - I Total Questions: 150 Name Mobile No: 1. 'आषाढ़स्य प्रथम दिवसे' में यक्ष ने किन फूलों से मेषों को अभ्यर्थना की थी? नौलोत्पल बकुल कुटन मल्लिका None Hint 2. निम्नलिखित में से कंप्यूटर क्या नहीं कर सकता? वर्तनी शुद्ध करना अनगिनत संख्याओं की पहचान लंबे समय तक निर्देशों का पहचान प्रयोक्ता की आवाज की पहचान None Hint 3. सोना और धतूरा की तुलना किस कवि ने की है? मुक्तिबोध रहीम तुलसी बिहारी None Hint 4. 'मौन' कविता में कवि कैसे जीवन की कामना करता है?* संघर्षमय जीवन की तेज और उत्तेजक जीवन की विलासितापूर्ण जीवन की शांत और गहरे जीवन की None Hint 5. "जीवन, रह जाय चुप निर्द्वन्द्व" मौन कविता की इस पंक्ति से कवि क्या कहना चाहता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : कवि इस पंक्ति से यह कहना चाहते हैं कि जीवन को बिना किसी विचार, संघर्ष या उद्देश्य के निष्क्रिय रह जाना चाहिए, जिससे कोई दुख या जिम्मेदारी न हो। यह एक प्रकार की पलायन की भावना है। कवि कहना चाहता है कि जीवन को बिना किसी द्वंद्व, संघर्ष और शोर-शराबे के शांतिपूर्वक जीना चाहिए। यह पंक्ति दर्शाती है कि सच्चा सुख और संतोष बाहरी आडंबर या शोरगुल में नहीं, बल्कि मौन और भीतर की शांति में है। कवि चाहते हैं कि मनुष्य बाह्य दिखावे से दूर रहकर भीतर की सच्चाई से जुड़ जाए। None Hint 6. 'नीलाम्बर' में कौन-सा समास है? द्वंद्व बहुव्रीहि अव्ययीभाव तत्पुरुष None Hint 7. सूचना प्रौद्योगिकी का लाभ नहीं है: मनोरंजन समाचारों के प्रति रुचि का अभाव सामाजिक राजनीतिक जागरुकता शिक्षा का प्रचार प्रसार None Hint 8. “है प्रभो अब यह जीवन नैया तुम्हीं पार लगाओगे” (विराम चिह्न सहित) है, प्रभो! अब, यह जीवन नैया, तुम्हीं पार लगाओगे। है प्रभो अब, यह जीवन नैया, तुम्हीं पार लगाओगे। है प्रभो, अब यह जीवन नैया तुम्हीं, पार लगाओगे। है प्रभो! अब यह जीवन-नैया तुम्हीं पार लगाओगे। None Hint 9. “निरपराधी व्यक्ति को सजा नहीं मिलनी चाहिए।” वाक्य का शुद्ध रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : निरपराधी व्यक्ति को दंड नहीं मिलना चाहिए। निर्दोष व्यक्ति को दंड नहीं मिलना चाहिए। निरपराध व्यक्ति को दंड नहीं होना चाहिए। निरपराध व्यक्ति को सजा नहीं मिलनी चाहिए। None Hint 10. इसमें लेखक क्या संदेश देना चाहता है? लिखिए। निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। जीवन की समस्याओं से भाग जाना चाहिए। केवल प्रकृति ही सबसे बड़ी प्रेरणा है। कठिन परिस्थितियों में भी सुंदरता और आशा को बनाए रखना चाहिए। जीवन को मौन और कठोरता से जीना चाहिए। None Hint 11. संचार माध्यमों से क्या लाभ होता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: भाषाएँ नष्ट होती हैं केवल व्यापार बढ़ता है सूचना, शिक्षा और जागरूकता मिलती है केवल मनोरंजन होता है None Hint 12. तुलसी ने रामचरितमानस में सर्वाधिक किस छंद का प्रयोग किया है?* चौपाई दोहा सवैया सोरठा None Hint 13. 'अस्वस्थ होने वाला' के लिए एक शब्द क्या है? निरोगी स्वस्थ डॉक्टर रोगी None Hint 14. इस पाठ के लेखक हैं:* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। राजेंद्र यादव हरिशंकर परसाई रामचंद्र शुक्ल कन्हैया प्रभाकर None Hint 15. 'शैशव की चित्रशाला...... गहरा होता है' पंक्ति में प्रयुक्त 'चित्रों' से अभिप्राय है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। घटनाओं से तस्वीरों से व्यक्तियों से वस्तुओं से None Hint 16. 'पाच्य' और 'नूतन' के विलोम शब्द चुनिए: व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : अपाच्य, पुराना सुपाच्य, पुरातन अपाच्य, प्राचीन सुपाच्य, जर्जर None Hint 17. 'नेह-जल' में कौन-सा अलंकार है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। मानवीकरण उत्प्रेक्षा रूपक अतिशयोक्ति None Hint 18. 'मी पर कृपा स्नेहु विसेषी' पंक्ति में 'मी' किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। वशिष्ठ तक्ष्मण भरत राम None Hint 19. 'नवरस' शब्द का संधि विच्छेद क्या है? नव + रस नवा + रस नव: + रस नव + रस्स None Hint 20. “अन” प्रत्यय से बने दो शब्द कौन-से हैं? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : ऊपर, अनाज अनजाना, अनोखा अनमोल, अनपढ़ अनदेखा, अनपढ़ None Hint 21. आप अपने जीवन की किसी आश्चर्यजनक घटना का अनुभव लगभग 40 शब्दों में लिखिए। एक बार परीक्षा के दिन सुबह मैं देर से उठा और सोच रहा था कि पेपर छूट जाएगा, लेकिन जैसे ही पहुँचा, पेपर देर से शुरू हुआ। यह मेरे लिए चमत्कार जैसा अनुभव था। छुट्टियों में मैंने दोस्तों के साथ मस्ती की और पिकनिक मनाई। स्कूल जाते समय मैं रोज बस पकड़ता हूँ, और बस समय पर आ जाती है। एक बार मैं पार्क में खेल रहा था, और अचानक बिजली चली गई। None Hint 22. 'अर्थ सरकारी पत्र मैत्री भाव में लिखे जाते हैं।' सही गलत आंशिक रूप से सही आवश्यक नहीं None Hint 23. 'वह तोड़ती पत्थर' कविता में किस ऋतु का वर्णन है? ग्रीष्म शरद हेमंत शिशिर None Hint 24. "काज पर कछु और है" यह किस कवि की पंक्ति है? तुलसी रहीम बिहारी मुक्तिबोध None Hint 25. कष्टप्रद स्थिति में जीवन धारण करने वाले कुटज के समान अपने जीवन की किसी घटना का उदाहरण दीजिए। निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। परीक्षा में कम अंक आना। मित्र के साथ क्रिकेट खेलना। महामारी में मोबाइल न होते हुए भी पढ़ाई जारी रखना। गर्मी की छुट्टियों में यात्रा करना। None Hint 26. 'उनकी रेखाएँ और रंग......... चटकीले होते चलते हैं।' वाक्य में प्रयुक्त 'रेखाएँ और रंग' संकेत करते हैं: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। रंग-रूप और वेशभूषा की ओर बनावट और दृश्यता की और आकृति और वर्ण-विन्यास की और जीवन और व्यक्तित्व की ओर None Hint 27. 'हमारी सोसायटी में दो गार्ड हैं' कथन प्रयुक्ति के आधार पर किस भेद के अंतर्गत आता है? सामान्य व्यवहार या बोलचाल की हिंदी कार्यालयी हिंदी संचार माध्यम की हिंदी साहित्यिक हिंदी None Hint 28. 'चीफ की दावत' पात साहित्य की किस विधा में लिखा गया है? संस्मरण कहानी एकांकी निबंध None Hint 29. ग्रीष्म ऋतु के जाते ही वर्षा ऋतु आ गई। (संयुक्त वाक्य चुनिए) ग्रीष्म ऋतु जाएगी तभी वर्षा ऋतु आएगी। ग्रीष्म ऋतु के जाते ही, वर्षा ऋतु का इंतजार हुआ। ग्रीष्म ऋतु गई, और वर्षा ऋतु आ गई। वर्षा ऋतु तब आती है जब ग्रीष्म ऋतु जाती है। None Hint 30. 'पदमाकर' द्वारा रचित कविता में किस त्योहार का वर्णन किया गया है? दीवाली वसंत पंचमी दशहरा होली None Hint 31. कलम से किनकी जय बोलने के लिए कहा जा रहा है? और क्यों? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। सैनिकों की नेताओं की शहीद स्वतंत्रता सेनानियों की कवियों की None Hint 32. राजेंद्र यादव द्वारा संपादित पत्रिका का नाम है: काँटे की बात कहानी हंस प्रथम प्रेम None Hint 33. 'पृथ्वी' का पर्यायवाची शब्द कौन-सा है? भूमि आकाश अग्नि जल None Hint 34. 'बारे उजियारी करें' पंक्ति में अलंकार है: श्लेष यमक अतिशयोक्ति उपमा None Hint 35. हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में क्या अंतर है? हार्डवेयर दृश्य होता है, सॉफ्टवेयर अदृश्य दोनों केवल मेमोरी हैं सॉफ्टवेयर बिना बिजली चलता है हार्डवेयर एक ऐप है None Hint 36. संचार माध्यमों का उद्देश्य है: विद्यालय खोलना सूचना छिपाना भ्रष्टाचार फैलाना मनोरंजन करना None Hint 37. 'नेह-जल' में कौन-सा अलंकार है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। मानवीकरण उत्प्रेक्षा रूपक अतिशयोक्ति None Hint 38. वार्धक्य का अर्थ है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। जवानी शैशवावस्था बुढ़ापा सुप्तावस्था None Hint 39. 'शैशव की चित्रशाला गहरा होता है' पंक्ति में प्रयुक्त' चित्रों' से अभिप्राय है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। तस्वीरों से घटनाओं से वस्तुओं से व्यक्तियों से None Hint 40. 'सुख-दुःख' में कौन-सा समास है? तत्पुरुष बहुव्रीहि द्वंद्व कर्मधारय None Hint 41. शामनाथ और उसकी पत्नी को पसीना पोंछने की फुर्सत क्यों नहीं थी? नौकर के अचानक छुट्टी पर चले जाने के कारण चौफ की दावत का प्रबंध करने के कारण घर को व्यवस्थित करने के कारण काम करने की आदत न होने के कारण None Hint 42. गद्यांश से लेखक की धारणा स्पष्ट होती है: निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। दृढ़ता और जड़ता की हठता और अहंभावना की दृढ़ता और जीवंतता की कठोरता और मृदुता की None Hint 43. महादेवी वर्मा की कविता में किन भावनाओं की अभिव्यक्ति हुई है?* सौंदर्य और प्रकृति देशभक्ति और युद्ध भावना प्रेम और हास्य वियोग, करुणा और आत्मबोध None Hint 44. “इतिहासिक, आशिवार्द” — इनका शुद्ध रूप क्या है? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : ऐतिहासिक, आशीर्वर्ध इतिहासक, असीर्वाद ऐतिहासिक, आशीर्वाद एतिहासिक, आशिर्वाद None Hint 45. 'पीढ़ियाँ और गिट्टियाँ' पाठ में मंदिर में स्थापित देवताओं के नाराज होने का क्या कारण था? युवाओं के द्वारा जीवन का आनंद लेना उनका बाग-बगीचों में नहीं घूम पाना युवाओं द्वारा उनकी रॉयल्टी का प्रबंध न करना पेड़ों पर उनके झंडों का न लग पाना None Hint 46. अंत में मिल मालिक ने क्या उपाय अपनाया? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। मजदूरी आधी कर दी और दोगुने मजदूर रख लिए। मशीनें लगवा दीं। मजदूरी दोगुनी कर दी। मजदूरों को निकाल दिया। None Hint 47. 'प्रियतम' शब्द का विलोम क्या होगा? प्यारा प्रेमी अच्छा अप्रिय None Hint 48. सुपर कंप्यूटर किसे कहते हैं? माइक्रो कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर मिनी कंप्यूटर डेस्कटॉप कंप्यूटर None Hint 49. दैत्यारि, तपःभूमि (संधिच्छेद चुनिए) दैत्यारि = दैत्य + ऋ, तपःभूमि = तपो + भूमि दैत्यारि = दैत्य + अरि, तपःभूमि = तपः + भूमि दैत्यारि = दैत्य + रि, तपःभूमि = तपः + भूमि दैत्यारि = दैत्य + आरी, तपःभूमि = तप + भूमि None Hint 50. उज्वल, कवियत्री (शुद्ध रूप चुनिए) उज्ज्वल, कवियत्री उज्जवल, कवियत्री उज्वल, कवित्री उज्ज्वल, कवित्री None Hint 51. 'मन में नदियों में गंगा' — इस मुहावरे का अर्थ क्या है? मन में नदी बह रही हो गंगा जाना मन में हो मन को बहा देना मन पवित्र होना None Hint 52. 'भेड़िया' कविता में भेड़िया प्रतीकार्य है: शोषित वर्ग का सामूहिक चेतना का हिंसा का शोषक वर्ग का None Hint 53. अनुच्छेद में 'कुल्हाड़ी-कुल्हाल' किनके प्रतीक हैं? निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। कठोरता के दृढ़ता और सरलता के काट-छाँट के नष्ट करने के None Hint 54. हिंदी साहित्य के भारतेंदु युग में कविताओं में प्रमुख स्वर रहा है: प्रेम और सौंदर्य देश भक्ति प्रयोगवाद छायावाद None Hint 55. स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति हमारा क्या कर्तव्य है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। उन्हें सम्मान देना और उनके आदर्शों पर चलना उनके बलिदान को नजरअंदाज करना केवल किताबों में पढ़ना उन्हें भूल जाना None Hint 56. “बालक दौड़ता है।” — इसका भाववाच्य रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : दौड़ बालक द्वारा की जाती है। दौड़ा जाता है। बालक दौड़ रहा है। दौड़ना हो रहा है। None Hint 57. “यथासमय” — इसका समास विग्रह और प्रकार क्या है? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : समय अनुसार – कर्मधारय समास यथा समय – तत्पुरुष समास यथा समय – द्वंद्व समास यथा के अनुसार समय – अव्ययीभाव समास None Hint 58. भास्कराचार्य का संबंध था: गणित और खगोल धातु विज्ञान भौतिकी रसायन None Hint 59. 'परशुराम के उपदेश' कविता के संदर्भ में 'चट्टानों की छाती से दूध निकालो' से क्या अभिप्राय है? चट्टानों से अमृत निकालना चट्टानों से जलधारा निकालना विपरीत परिस्थितियों में अपना मस्तक ऊँचा रखना विपरीत परिस्थितियों में अपना लक्ष्य प्राप्त करी None Hint 60. चार हाथों का विचार मालिक को क्यों अच्छा लगा? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। काम तेज़ होता और मुनाफा बढ़ता। मजदूरों को सम्मान मिलता। मजदूरों को खुशी मिलती। काम कम हो जाता। None Hint 61. गुरुत्वाकर्षण शक्ति किसे कहते हैं? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: चुम्बकीय शक्ति प्रेरण शक्ति गुरुत्वाकर्षण शक्ति विद्युत शक्ति None Hint 62. गुरु वशिष्ठ ने क्या किया? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। भरत को चुप रहने को कहा राम के मन की बात कह दी राम को अयोध्या चलने को कहा भरत के मन की बात कह दी None Hint 63. सेल्यूलर जेल की नीचे की चार कोठरियों को 'काल कोठरियाँ' क्यों कहा जाता था? साफ-सफाई का उचित प्रबंधन होने के कारण फाँसी दी जाने से पहले कैदियों को वहाँ रखने के कारण काल के समान भयानक दिखाई दिए जाने के कारण कैदियों को सबसे पहले वहीं रखे जाने के कारण None Hint 64. लेखिका और सुभद्राकुमारी के बीच किस प्रकार के संबंध थे? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। रागात्मक कामकाजी पारीवारिक औपचारिक None Hint 65. मिल मालिक अजीब बातें क्यों सोचता था? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। वह मजदूरी बाँटना चाहता था। उसे विज्ञान में रुचि थी। वह सारा संसार अपनी मिल बनाना चाहता था। वह मजदूरों की मदद करना चाहता था। None Hint 66. अतीत और वर्तमान के बीच की समय की खाई बढ़ने पर क्या परिणाम निकलता है? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। सामाजिक दूरियाँ बढ़ने लगती हैं। हमारी स्मृतियों में परिवर्तन आने लगता हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियाँ बढ़ने लगती हैं। हमारी स्मृतियाँ धूमिल पड़ने लगती हैं। None Hint 67. 'थे कयां मुंहोधो महाँ कठ्या सस्ती, लिया री तराजां तोल' पंक्ति में तराजू पर तौलकर लेने से क्या अभिप्राय है? सोच-समझकर निर्णय लेना तराजू के पलड़े पर रख लेना नाप-तोलकर लेना बजन करके लिया जाना None Hint 68. 'ई' प्रत्यय से बने दो शब्द कौन-से हैं? मिठाई, चाय रानी, दानी सुंदर, तेज राजा, योद्धा None Hint 69. निम्नलिखित में सत्य कथन है: मुद्रित माध्यम स्थायी नहीं है श्रव्य माध्यम सुनाई नहीं पड़ता टी.वी. दृश्य श्रव्य माध्यम है अखबारों से जागरूकता नहीं आती None Hint 70. 'चीफ की दावत' पाठ के लेखक का क्या नाम है? अमृतलाल नागर भीष्म साहनी मोहन राकेश मन्नू भंडारी None Hint 71. वैदिक युग के लोग प्रयोग नहीं करते थे: ताँबा कौसा चाँदी लोहा None Hint 72. गद्यांश से शिक्षा ग्रहण की जा सकती है: निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। परिस्थितियों का विरोध करना विवेक के काम न लेना परिस्थितियों से तालमेल बनाके रखना अपनी हठता पर अडिग बने रहना None Hint 73. “एक जंगल में दो शेर रहते थे।” — इसका संयुक्त वाक्य रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : दो शेर एक जंगल में रहते थे। जंगल में दो शेर थे और वे रहते थे। दो शेर जंगल में रहते थे। एक जंगल में दो शेर रहते थे, इसलिए वह प्रसिद्ध था। None Hint 74. 'परशुराम के उपदेश' कविता में दिनकर जी की भाषागत विशेषताएँ क्या हैं? नीति और उपदेशों से युक्त संस्कृतनिष्ठ भाषा सरल और बालोपयोगी भाषा ओजपूर्ण और वीर रस से भरपूर भाषा शृंगारिक और कोमल भावों वाली भाषा None Hint 75. औपचारिक पत्र का भेद नहीं है: सरकारी बधाई पत्र सरकारी कामकाज संबंधी संबंधियों को लिखे गए पत्र None Hint 76. बड़ों के सम्मुख मुँह न खोलना,________________ | निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। उनसे डरना है शिष्टाचार की परंपरा है उन्हें प्रसन्न रखना है दबाव सहन करना है None Hint 77. 'जड़' शब्द का सही अर्थ है:* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। निर्जीव स्थिर दूँठ मूल None Hint 78. 'उनकी रेखाएँ और रंग चटकीले होते चलते हैं।' वाक्य में प्रयुक्त 'रेखाएँ और रंग' संकेत करते हैं। दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। आकृति और वर्ग-विन्यास की और जीवन और व्यक्तित्व की और बनावट और दृश्यता की ओर रंग-रूप और वेशभूषा की ओर None Hint 79. None 80. कंप्यूटर पर काम करना आसान क्यों है? इसमें बिजली की ज़रूरत नहीं होती यह भाषाएँ नहीं समझता यह निर्देशों पर तेजी से काम करता है यह धीमा होता है None Hint 81. 'वह तोड़ती पत्थर' कविता में 'वह' से क्या संकेत है?* एक रानी से एक देवता से एक श्रमिक स्त्री से एक शिक्षिका से None Hint 82. सरकारी पत्रों में पृष्ठांकन होता है। आवश्यक नहीं कभी-कभी सही गलत None Hint 83. 'वह तोड़ती पत्थर' किस कवि की रचना है? सूर्यकांत त्रिपाठी निराला रहीम तुलसी महादेवी वर्मा None Hint 84. इस कविता का मूल संदेश क्या है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** जीवन की नश्वरता का भाव बलिदान और सेवा भावना क्रोध और संघर्ष का महत्व युद्ध और वीरता का चित्रण None Hint 85. द्विवेदी युग के काव्य की विशेषताओं में शामिल नहीं है: नीति और आदर्श मानवतावाद प्रकृति वर्णन समाज सुधार None Hint 86. कुटन को 'बडभागी' क्यों कहा गया है? रामगिरि पर्वत श्रृंखला पर होने के कारण रहीम के काम आने के कारण कालिदास के काम आने के कारण फूलों से लदा होने के कारण None Hint 87. अच्छे पत्र का गुण नहीं है: प्रभावशीलता संक्षिप्तता सरलता क्लिष्टता None Hint 88. यह अंश किस पाठ से लिया गया है और उसके लेखक कौन हैं? निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। आखिरी चट्टान – राहुल सांकृत्यायन कुटज – डॉ. रामकुमार वर्मा गद्य कैसे पढ़ें – हजारी प्रसाद द्विवेदी दो कलाकार – यशपाल None Hint 89. राम के स्वभाव की क्या विशेषता है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। दृढ़ता पूर्वक बोलना अपराधी पर भी क्रोध न करना चोटों से प्रेम न करना गुरुजनों पर क्रोध करना None Hint 90. गद्यांश के रचयिता का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। सुभद्राकुमारी चौहान महावीर प्रसाद द्विवेदी राजेन्द्र यादव महादेवी वर्मा None Hint 91. 'कब को टेरत दीन रट' दोहे में 'सांसारिक हया लगने' के उलाहने से भक्ति के कौन-से भाम की पुष्टि होती है? उचित विकल्प चुनकर लिखिए: (A) सख्यB) दास्य(C) अंतरंग(D) स्वामी केवल (B केवल (D) (B) और (ID) दोनों (A) और (C) दोनों None Hint 92. इस कविता के कवि और काव्यशैली का नाम क्या है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** रहीम – रीतिकाव्य तुलसीदास – रामभक्ति काव्य कबीर – निर्गुण भक्ति काव्य अज्ञात – नीति काव्य None Hint 93. 'अनपढ़ बनाए रखने की साजिश' पाठ के लेखक हैं: प्रेमचंद हजारी प्रसाद द्विवेदी राजेन्द्र यादव राजेंद्र अवस्थी None Hint 94. 'बूढ़ा आदमी बहुत प्रकार मन करे' — यह वाक्य शुद्ध रूप में क्या होगा? बूढ़ा आदमी मन करता है बूढ़ा आदमी किसी प्रकार काम करे बूढ़ा आदमी बहुत बूढ़ा है बूढ़ा आदमी बहुत काम करना चाहता है None Hint 95. ओ बी वैन के प्रचलन से क्या सुविधा होने लगी है? दूरदर्शन पर विज्ञापन दिखाने की मोबाइल से समाचार भेजने की संपादकीय लेखन आसान हो गया समाचारों का सीधा प्रसारण संभव हुआ None Hint 96. 'मैं नीर भरी दुख की बदली' की पंक्ति 'नभ के नवरंग बुनते दुकूल' में कौन-सा अलंकार है? यमक अनुप्रास रूपक उपमा None Hint 97. भरत की आँखें सदैव किसकी प्यासी बनी रही? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राम के दर्शनों की राजा दशरथ के प्रेम की राम के प्रेम की माता कैकयी के प्रेम की None Hint 98. भरत की आँखे सदैव किसकी प्यासी बनी रही? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राम के प्रेम की राम के दर्शनों की राजा दशरथ के प्रेम की माता कैकयी के प्रेम की None Hint 99. बड़ों के सम्मुख मुँह न खोलना____________| निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। उनसे डरना है शिष्टाचार की परंपरा है उन्हें प्रसन्न रखना है दबाव सहन करना है None Hint 100. 'उत्सव' शब्द के पर्यायवाची कौन-से हैं? उपवास, आयोजन पर्व, त्योहार दुख, आपदा यज्ञ, होम None Hint 101. पंचवटी (समास पहचानिए) बहुव्रीहि द्वंद्व कर्मधारय तत्पुरुष None Hint 102. अत्याचार, पालक (उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए) अत्याचार = अत + याचार, पालक = पालक + ण अत्याचार = अत्य + आचार, पालक = पाल + अक अत्याचार = आ + आचार, पालक = पाल + इक अत्याचार = अत्य + चार, पालक = पालक (कोई प्रत्यय नहीं) None Hint 103. 'आँधियों नहीं जिसमें उमंग भरती है' पंक्ति में आँधी' प्रतीक है: तेज हवा क्रांति बदलाय बाधाएँ None Hint 104. अंतराविभागीय टिप्पण सहायक स्तर और अधिकारी स्तर पर लिखे जाते हैं। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : क्लर्क स्तर पर ही लिखे जाते हैं केवल अधिकारी स्तर पर लिखे जाते हैं केवल सहायक स्तर पर लिखे जाते हैं सहायक और अधिकारी दोनों स्तरों पर लिखे जाते हैं None Hint 105. वार्धक्य का अर्थ है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। जवानी शैशवावस्था सुप्तावस्था बुढ़ापा None Hint 106. सुभद्राकुमारी चौहान द्वारा रचित साहित्य किस विधा में लिखा गया है? नाटक कविता कहानी संस्मरण None Hint 107. सामयिक और रोजमर्रा के टिप्पण को नेमी टिप्पण कहते हैं। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : गलत — इन्हें विशिष्ट टिप्पण कहा जाता है गलत — इन्हें स्थायी टिप्पण कहा जाता है सही — इन्हें नेमी टिप्पण कहा जाता है सही — क्योंकि ये केवल आदेशात्मक होते हैं None Hint 108. वह अनेकों मामलों में गवाह था। (शुद्ध वाक्य चुनिए) वह अनेकों मामला में गवाह था। वह अनेक मामले में गवाह था। वह अनेकों मामलों में गवाह था। वह अनेक मामलों में गवाह था। None Hint 109. समाचार का संकलन कौन करते हैं? संपादक संवाददाता दर्शक पाठक None Hint 110. 'पीड़ियाँ और गिट्टियाँ' पाठ के वयोवृद्ध साहित्यकार जेब में क्या रखकर घूमते थे? मोटा चश्मा सुनने वाली मशीन पाचन चूरन निमोनिया की दवा None Hint 111. ‘दीन-दयाल-निवाय’ में कौन-सा अलंकार है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** उपमा यमक अनुप्रास श्लेष None Hint 112. 'चीफ की दावत' पाठ में शामनाथ किस वर्ग का प्रतिनिधित्व कर रहा है? निम्न वर्ग का उच्य वर्ग का मध्यम वर्ग का सामान्य वर्ग का None Hint 113. किसके नेत्रों से अबु बहने लगे? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। मुनि कैकयों राम भरत None Hint 114. उत्पादन बढ़ाने के लिए मालिक ने क्या उपाय सोचा? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। मशीनों को आराम देना। मिल को बंद करना। मजदूरों को अधिक वेतन देना। मजदूरों को चार हाथ देना। None Hint 115. लेखक की दृष्टि में कुटज के पेड़ को 'कूटज' कहना अधिक उचित क्यों है? अद्भुत जिजीविषा के कारण गिरिकूट पर उत्पन्न होने के कारण छोटा-सा शानदार वृक्ष होने के कारण मौसम की मार से बेअसर रहने के कारण None Hint 116. 'अतिशय' और 'लेखक' से उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए: व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : अति+शय, लेख+ख अति+श, ले+खक अति+शय, लेख+क अत+ई+शय, ले+खक None Hint 117. 'संयुक्त परिवार' कविता के कवि के घर से कभी कोई बिना मिले क्यों नहीं लौटा ? घर में ताला नहीं लगे होने के कारण संयुक्त परिवार होने के कारण आवभगत किए जाने के कारण घरवालों के सद्व्यवहार के कारण None Hint 118. इतिहास को अंधा क्यों कहा है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। वह भुलक्कड़ होता है वह सब कुछ देख नहीं सकता उसमें जानकारी नहीं है उसमें चित्र नहीं होते None Hint 119. पाठ्यपुस्तक में संकलित पद्माकर का काव्य-पाठ किस बंद में लिखा गया है? चौपाई सवैया दोहा कुंडलिया None Hint 120. वह उठ नहीं सकता। (भाववाच्य में वाक्य) उसके द्वारा उठना संभव नहीं है। वह उठता नहीं है। उससे उठाया नहीं जा सकता। उठ नहीं सकता वह। None Hint 121. रीतिकाल के रीतिपरक काव्य धारा के नीतिपरक रचनाओं के प्रमुख कवि हैं: घनानंद गिरिधर मतिराम बिहारी None Hint 122. “मुरारि, अधःगति” — संधि/संधिच्छेद क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : मु+रारि, अधगति मुरा+रि, अधः+गति मुर+आरि, अध+गति मुरारि, अधगति (कोई संधि नहीं) None Hint 123. 'विराटा की पद्मिनी' उपन्यास के रचयिता कौन हैं? लक्ष्मीनारायण लाल वृंदावनलाल वर्मा रामचंद्र शुक्ल जयशंकर प्रसाद None Hint 124. किसी विभाग अथवा कार्यालय द्वारा अपने कर्मचारी को निर्देश देने के लिए 'कार्यालय आदेश' का प्रयोग किया जाता है। सही संदेहास्पद संभवतः सही गलत None Hint 125. 'होत होत ही होय' पंक्ति में अलंकार है: अनुप्रास उपमा श्लेष यमक None Hint 126. भारतीय चिकित्सा पद्धति का सर्वप्रथम ज्ञान किस ग्रंथ में मिलता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: उपनिषद महाभारत ऋग्वेद अथर्ववेद None Hint 127. अतीत और बर्तमान के बीच की समय की खाई बढ़ने पर क्या परिणाम निकलता है? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। हमारी स्मृतियाँ धूमिल पड़ने लगती हैं। हमारी स्मृतियों में परिवर्तन आने लगता हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियाँ बढ़ने लगती हैं। सामाजिक दूरियाँ बढ़ने लगती हैं। None Hint 128. लेखिका और सुभद्राकुमारी के बीच किस प्रकार के संबंध थे? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। कामकाजी रागात्मक औपचारिक पारीवारिक None Hint 129. सुश्रुत संहिता किस पद्धति का ग्रंथ है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: तंत्र होम्योपैथी धातुविज्ञान आयुर्वेद None Hint 130. प्रतिवेदन की प्रामाणिकता दिए गए साक्ष्यों तथा तथ्यों पर निर्भर करती है। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : केवल अधिकारी के मत पर निर्भर होती है साक्ष्यों और तथ्यों पर निर्भर नहीं करती केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर निर्भर होती है साक्ष्यों तथा तथ्यों पर निर्भर करती है None Hint 131. रामचरितमानस' किसकी रचना है? रहीम तुलसी मुक्तिबोध दिनकर None Hint 132. गद्यांश के रचयिता का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए:हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। सुभद्राकुमारी चौहान महादेवी वर्मा महावीर प्रसाद द्विवेदी राजेन्द्र यादव None Hint 133. 'क्या भूलूँ क्या याद करूँ मैं' में कवि स्मृतियों के द्वंद्व से मुक्ति की कामना क्यों करता है? क्योंकि वह सब कुछ भूल जाना चाहता है। क्योंकि वह अपने अतीत को नकारता है। क्योंकि वह भविष्य में जीना चाहता है। क्योंकि स्मृतियाँ उसे बेचैन करती हैं। None Hint 134. यह गद्यांश किस पाठ से लिया गया है?* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। गद्य कैसे पढ़ें आखिरी चट्टान दो कलाकार एक था पेड़ एक था दूँठ None Hint 135. हिंदी साहित्य की सूफी काव्य की विशेषता में शैली है: बारहमासा पहलवी भसनवी अवधी None Hint 136. समाचारों के चयन और संपादन में किसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है? फोटोग्राफर संपादक कैमरामैन रिपोर्टर None Hint 137. 'हो गई है पीर पर्वतों सी' पंक्ति के संदर्भ में लिखिए कि 'पीर का पर्वतों के समान होना से क्या अभिप्राय है? ऊँचा होना अगम्य होना दुर्गम होना विशाल होना None Hint 138. 'लिए बिना गर्दन का मोल' का क्या आशय है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। सिर झुकाकर बलिदान देना बिना किसी स्वार्थ या लाभ के बलिदान देना गर्दन का मूल्य लेकर बलिदान देना सम्मान के बदले जान देना None Hint 139. प्रशासनिक कार्यों से संबंधित पत्रों में निम्नलिखित नहीं आता है: अर्थ सरकारी पत्र परिपत्र कार्यालय ज्ञापन संवेदना पत्र None Hint 140. एजूसेट का क्या उपयोग है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: ऑनलाइन गेम के लिए दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने के लिए फिल्म देखने के लिए सरकारी दस्तावेज़ स्कैन करने के लिए None Hint 141. गद्यांश के पाठ का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए:हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। दो कलाकार सुभद्राकुमारी चौहान कुटज यक्ष युधिष्ठिर संवाद None Hint 142. रेडियो कैसा माध्यम है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: दृश्य-श्रव्य माध्यम श्रव्य माध्यम दृश्य माध्यम मुद्रित माध्यम None Hint 143. टिप्पण पर सहायक किस ओर हस्ताक्षर करता है? बाई और दाई ओर मध्य में ऊपर की ओर None Hint 144. कुमुद युद्ध में कुंजर सिंह के साथ क्यों जाना चाहती है? देवी सिंह की महत्त्वाकांक्षापर अपना बलिदान देना चाहती है अलीमर्दान से डर जाने के कारण नरपति सिंह से पीछा छुड़ाने के कारण कुंजर सिंह से प्रेम करने के कारण None Hint 145. 'अपराधिहु पर कोह न काऊ' कहकर भरत राम के बारे में क्या कहना चाहते हैं? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : राम अत्यंत दयालु, क्षमाशील और धर्मपरायण व्यक्ति हैं जो अपने प्रति अपराध करने वालों पर भी क्रोध नहीं करते। भरत इस पंक्ति के माध्यम से राम के आदर्श चरित्र की प्रशंसा करते हैं, जिसमें वे न्याय और करुणा का समन्वय करते हैं। यह राम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप को दर्शाता है, जो अपने जीवन में किसी के प्रति द्वेष या क्रोध नहीं रखते, चाहे सामने अपराधी ही क्यों न हो। राम केवल अपने परिवार के प्रति कोमल हैं, लेकिन समाज के अन्य अपराधियों के प्रति कठोर हैं। भरत राम को एक सामान्य राजा के रूप में दिखाते हैं, जो नियमों के अनुसार सजा और इनाम देता है। None Hint 146. 'संयुक्त परिवार' कविता के आधार पर कवि की बेचैनी का कारण क्या है? कवि को अपने पुराने घर की याद आती है। कवि को आज की आधुनिक जीवनशैली अच्छी लगती है। कवि को अतिथि के बिना मिले लौट जाने की पीड़ा होती है। कवि घर के नियमों से नाराज़ होता है। None Hint 147. पठित, संयुक्त (विलोम शब्द चुनिए) अपठित, पृथक सरल, जोड़ टालना, मिलाना समझ, खुला None Hint 148. स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के साक्षी कौन हैं? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। इतिहासकार आम जनता सूर्य, चंद्रमा, भूगोल, खगोल नेता None Hint 149. गद्यांश के पाठ का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। दो कलाकार सुभद्राकुमारी चौहान यक्ष-युधिष्ठिर संवाद कुटज None Hint 150. 'अधीरता' शब्द में कौन-सा उपसर्ग है? ता धीर अ अधीर None Hint Time's up Share: admin Previous post Data Entry Nios plus two June 20, 2025 Next post Hindi Nios Plus Two PQ - II June 21, 2025