Hindi Nios Plus Two PQ – I Welcome to your Hindi Nios Plus Two PQ - I Total Questions: 150 Name Mobile No: 1. वार्धक्य का अर्थ है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। सुप्तावस्था शैशवावस्था जवानी बुढ़ापा None Hint 2. 'उत्सव' शब्द के पर्यायवाची कौन-से हैं? पर्व, त्योहार दुख, आपदा उपवास, आयोजन यज्ञ, होम None Hint 3. 'नवरस' शब्द का संधि विच्छेद क्या है? नवा + रस नव + रस नव: + रस नव + रस्स None Hint 4. 'वह तोड़ती पत्थर' कविता में किस ऋतु का वर्णन है? शिशिर ग्रीष्म शरद हेमंत None Hint 5. द्विवेदी युग के काव्य की विशेषताओं में शामिल नहीं है: नीति और आदर्श मानवतावाद समाज सुधार प्रकृति वर्णन None Hint 6. 'पाच्य' और 'नूतन' के विलोम शब्द चुनिए: व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : अपाच्य, प्राचीन सुपाच्य, पुरातन अपाच्य, पुराना सुपाच्य, जर्जर None Hint 7. टिप्पण पर सहायक किस ओर हस्ताक्षर करता है? दाई ओर ऊपर की ओर मध्य में बाई और None Hint 8. 'वह तोड़ती पत्थर' किस कवि की रचना है? तुलसी सूर्यकांत त्रिपाठी निराला महादेवी वर्मा रहीम None Hint 9. शामनाथ और उसकी पत्नी को पसीना पोंछने की फुर्सत क्यों नहीं थी? नौकर के अचानक छुट्टी पर चले जाने के कारण काम करने की आदत न होने के कारण घर को व्यवस्थित करने के कारण चौफ की दावत का प्रबंध करने के कारण None Hint 10. 'कब को टेरत दीन रट' दोहे में 'सांसारिक हया लगने' के उलाहने से भक्ति के कौन-से भाम की पुष्टि होती है? उचित विकल्प चुनकर लिखिए: (A) सख्यB) दास्य(C) अंतरंग(D) स्वामी केवल (D) (A) और (C) दोनों केवल (B (B) और (ID) दोनों None Hint 11. 'सुख-दुःख' में कौन-सा समास है? कर्मधारय द्वंद्व तत्पुरुष बहुव्रीहि None Hint 12. 'नीलाम्बर' में कौन-सा समास है? अव्ययीभाव द्वंद्व बहुव्रीहि तत्पुरुष None Hint 13. 'क्या भूलूँ क्या याद करूँ मैं' में कवि स्मृतियों के द्वंद्व से मुक्ति की कामना क्यों करता है? क्योंकि वह अपने अतीत को नकारता है। क्योंकि स्मृतियाँ उसे बेचैन करती हैं। क्योंकि वह सब कुछ भूल जाना चाहता है। क्योंकि वह भविष्य में जीना चाहता है। None Hint 14. अंतराविभागीय टिप्पण सहायक स्तर और अधिकारी स्तर पर लिखे जाते हैं। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : केवल सहायक स्तर पर लिखे जाते हैं सहायक और अधिकारी दोनों स्तरों पर लिखे जाते हैं केवल अधिकारी स्तर पर लिखे जाते हैं क्लर्क स्तर पर ही लिखे जाते हैं None Hint 15. यह गद्यांश किस पाठ से लिया गया है?* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। दो कलाकार एक था पेड़ एक था दूँठ गद्य कैसे पढ़ें आखिरी चट्टान None Hint 16. कष्टप्रद स्थिति में जीवन धारण करने वाले कुटज के समान अपने जीवन की किसी घटना का उदाहरण दीजिए। निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। परीक्षा में कम अंक आना। गर्मी की छुट्टियों में यात्रा करना। महामारी में मोबाइल न होते हुए भी पढ़ाई जारी रखना। मित्र के साथ क्रिकेट खेलना। None Hint 17. तुलसी ने रामचरितमानस में सर्वाधिक किस छंद का प्रयोग किया है?* सोरठा चौपाई सवैया दोहा None Hint 18. आप अपने जीवन की किसी आश्चर्यजनक घटना का अनुभव लगभग 40 शब्दों में लिखिए। एक बार परीक्षा के दिन सुबह मैं देर से उठा और सोच रहा था कि पेपर छूट जाएगा, लेकिन जैसे ही पहुँचा, पेपर देर से शुरू हुआ। यह मेरे लिए चमत्कार जैसा अनुभव था। स्कूल जाते समय मैं रोज बस पकड़ता हूँ, और बस समय पर आ जाती है। एक बार मैं पार्क में खेल रहा था, और अचानक बिजली चली गई। छुट्टियों में मैंने दोस्तों के साथ मस्ती की और पिकनिक मनाई। None Hint 19. इस पाठ के लेखक हैं:* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। हरिशंकर परसाई राजेंद्र यादव रामचंद्र शुक्ल कन्हैया प्रभाकर None Hint 20. सोना और धतूरा की तुलना किस कवि ने की है? रहीम बिहारी तुलसी मुक्तिबोध None Hint 21. अतीत और बर्तमान के बीच की समय की खाई बढ़ने पर क्या परिणाम निकलता है? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। सामाजिक दूरियाँ बढ़ने लगती हैं। हमारी स्मृतियाँ धूमिल पड़ने लगती हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियाँ बढ़ने लगती हैं। हमारी स्मृतियों में परिवर्तन आने लगता हैं। None Hint 22. गद्यांश से लेखक की धारणा स्पष्ट होती है: निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। कठोरता और मृदुता की दृढ़ता और जीवंतता की हठता और अहंभावना की दृढ़ता और जड़ता की None Hint 23. 'भेड़िया' कविता में भेड़िया प्रतीकार्य है: शोषित वर्ग का शोषक वर्ग का सामूहिक चेतना का हिंसा का None Hint 24. महादेवी वर्मा की कविता में किन भावनाओं की अभिव्यक्ति हुई है?* प्रेम और हास्य सौंदर्य और प्रकृति देशभक्ति और युद्ध भावना वियोग, करुणा और आत्मबोध None Hint 25. 'अनपढ़ बनाए रखने की साजिश' पाठ के लेखक हैं: हजारी प्रसाद द्विवेदी प्रेमचंद राजेन्द्र यादव राजेंद्र अवस्थी None Hint 26. “यथासमय” — इसका समास विग्रह और प्रकार क्या है? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : यथा के अनुसार समय – अव्ययीभाव समास यथा समय – द्वंद्व समास यथा समय – तत्पुरुष समास समय अनुसार – कर्मधारय समास None Hint 27. 'पीड़ियाँ और गिट्टियाँ' पाठ के वयोवृद्ध साहित्यकार जेब में क्या रखकर घूमते थे? पाचन चूरन मोटा चश्मा निमोनिया की दवा सुनने वाली मशीन None Hint 28. 'होत होत ही होय' पंक्ति में अलंकार है: अनुप्रास श्लेष उपमा यमक None Hint 29. इस कविता का मूल संदेश क्या है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** बलिदान और सेवा भावना क्रोध और संघर्ष का महत्व जीवन की नश्वरता का भाव युद्ध और वीरता का चित्रण None Hint 30. गद्यांश के पाठ का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए:हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। दो कलाकार यक्ष युधिष्ठिर संवाद कुटज सुभद्राकुमारी चौहान None Hint 31. बड़ों के सम्मुख मुँह न खोलना,________________ | निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। शिष्टाचार की परंपरा है उनसे डरना है उन्हें प्रसन्न रखना है दबाव सहन करना है None Hint 32. यह अंश किस पाठ से लिया गया है और उसके लेखक कौन हैं? निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। कुटज – डॉ. रामकुमार वर्मा आखिरी चट्टान – राहुल सांकृत्यायन गद्य कैसे पढ़ें – हजारी प्रसाद द्विवेदी दो कलाकार – यशपाल None Hint 33. अनुच्छेद में 'कुल्हाड़ी-कुल्हाल' किनके प्रतीक हैं? निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। कठोरता के दृढ़ता और सरलता के नष्ट करने के काट-छाँट के None Hint 34. सुपर कंप्यूटर किसे कहते हैं? डेस्कटॉप कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर मिनी कंप्यूटर None Hint 35. हिंदी साहित्य की सूफी काव्य की विशेषता में शैली है: पहलवी बारहमासा अवधी भसनवी None Hint 36. लेखिका और सुभद्राकुमारी के बीच किस प्रकार के संबंध थे? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। कामकाजी रागात्मक औपचारिक पारीवारिक None Hint 37. 'उनकी रेखाएँ और रंग चटकीले होते चलते हैं।' वाक्य में प्रयुक्त 'रेखाएँ और रंग' संकेत करते हैं। दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। रंग-रूप और वेशभूषा की ओर आकृति और वर्ग-विन्यास की और बनावट और दृश्यता की ओर जीवन और व्यक्तित्व की और None Hint 38. निम्नलिखित में सत्य कथन है: मुद्रित माध्यम स्थायी नहीं है श्रव्य माध्यम सुनाई नहीं पड़ता टी.वी. दृश्य श्रव्य माध्यम है अखबारों से जागरूकता नहीं आती None Hint 39. गद्यांश के पाठ का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। सुभद्राकुमारी चौहान कुटज दो कलाकार यक्ष-युधिष्ठिर संवाद None Hint 40. उज्वल, कवियत्री (शुद्ध रूप चुनिए) उज्जवल, कवियत्री उज्ज्वल, कवित्री उज्वल, कवित्री उज्ज्वल, कवियत्री None Hint 41. संचार माध्यमों का उद्देश्य है: मनोरंजन करना सूचना छिपाना विद्यालय खोलना भ्रष्टाचार फैलाना None Hint 42. लेखक की दृष्टि में कुटज के पेड़ को 'कूटज' कहना अधिक उचित क्यों है? छोटा-सा शानदार वृक्ष होने के कारण मौसम की मार से बेअसर रहने के कारण अद्भुत जिजीविषा के कारण गिरिकूट पर उत्पन्न होने के कारण None Hint 43. कंप्यूटर पर काम करना आसान क्यों है? यह भाषाएँ नहीं समझता यह धीमा होता है इसमें बिजली की ज़रूरत नहीं होती यह निर्देशों पर तेजी से काम करता है None Hint 44. दैत्यारि, तपःभूमि (संधिच्छेद चुनिए) दैत्यारि = दैत्य + ऋ, तपःभूमि = तपो + भूमि दैत्यारि = दैत्य + अरि, तपःभूमि = तपः + भूमि दैत्यारि = दैत्य + रि, तपःभूमि = तपः + भूमि दैत्यारि = दैत्य + आरी, तपःभूमि = तप + भूमि None Hint 45. 'मी पर कृपा स्नेहु विसेषी' पंक्ति में 'मी' किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राम भरत तक्ष्मण वशिष्ठ None Hint 46. 'पृथ्वी' का पर्यायवाची शब्द कौन-सा है? आकाश जल अग्नि भूमि None Hint 47. 'ई' प्रत्यय से बने दो शब्द कौन-से हैं? रानी, दानी मिठाई, चाय सुंदर, तेज राजा, योद्धा None Hint 48. पाठ्यपुस्तक में संकलित पद्माकर का काव्य-पाठ किस बंद में लिखा गया है? चौपाई कुंडलिया दोहा सवैया None Hint 49. भरत की आँखे सदैव किसकी प्यासी बनी रही? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राम के प्रेम की माता कैकयी के प्रेम की राम के दर्शनों की राजा दशरथ के प्रेम की None Hint 50. किसी विभाग अथवा कार्यालय द्वारा अपने कर्मचारी को निर्देश देने के लिए 'कार्यालय आदेश' का प्रयोग किया जाता है। संभवतः सही सही संदेहास्पद गलत None Hint 51. गद्यांश के रचयिता का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए:हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। महावीर प्रसाद द्विवेदी सुभद्राकुमारी चौहान राजेन्द्र यादव महादेवी वर्मा None Hint 52. बड़ों के सम्मुख मुँह न खोलना____________| निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। दबाव सहन करना है उन्हें प्रसन्न रखना है उनसे डरना है शिष्टाचार की परंपरा है None Hint 53. 'अर्थ सरकारी पत्र मैत्री भाव में लिखे जाते हैं।' सही आंशिक रूप से सही गलत आवश्यक नहीं None Hint 54. 'नेह-जल' में कौन-सा अलंकार है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। रूपक अतिशयोक्ति उत्प्रेक्षा मानवीकरण None Hint 55. सरकारी पत्रों में पृष्ठांकन होता है। सही कभी-कभी गलत आवश्यक नहीं None Hint 56. गुरु वशिष्ठ ने क्या किया? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राम के मन की बात कह दी भरत को चुप रहने को कहा भरत के मन की बात कह दी राम को अयोध्या चलने को कहा None Hint 57. पंचवटी (समास पहचानिए) कर्मधारय तत्पुरुष द्वंद्व बहुव्रीहि None Hint 58. रेडियो कैसा माध्यम है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: दृश्य-श्रव्य माध्यम श्रव्य माध्यम मुद्रित माध्यम दृश्य माध्यम None Hint 59. 'चीफ की दावत' पाठ के लेखक का क्या नाम है? अमृतलाल नागर मन्नू भंडारी मोहन राकेश भीष्म साहनी None Hint 60. हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में क्या अंतर है? हार्डवेयर एक ऐप है हार्डवेयर दृश्य होता है, सॉफ्टवेयर अदृश्य सॉफ्टवेयर बिना बिजली चलता है दोनों केवल मेमोरी हैं None Hint 61. 'चीफ की दावत' पाठ में शामनाथ किस वर्ग का प्रतिनिधित्व कर रहा है? सामान्य वर्ग का मध्यम वर्ग का निम्न वर्ग का उच्य वर्ग का None Hint 62. 'प्रियतम' शब्द का विलोम क्या होगा? अच्छा प्रेमी अप्रिय प्यारा None Hint 63. "जीवन, रह जाय चुप निर्द्वन्द्व" मौन कविता की इस पंक्ति से कवि क्या कहना चाहता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : कवि इस पंक्ति से यह कहना चाहते हैं कि जीवन को बिना किसी विचार, संघर्ष या उद्देश्य के निष्क्रिय रह जाना चाहिए, जिससे कोई दुख या जिम्मेदारी न हो। यह एक प्रकार की पलायन की भावना है। कवि कहना चाहता है कि जीवन को बिना किसी द्वंद्व, संघर्ष और शोर-शराबे के शांतिपूर्वक जीना चाहिए। यह पंक्ति दर्शाती है कि सच्चा सुख और संतोष बाहरी आडंबर या शोरगुल में नहीं, बल्कि मौन और भीतर की शांति में है। कवि चाहते हैं कि मनुष्य बाह्य दिखावे से दूर रहकर भीतर की सच्चाई से जुड़ जाए। None Hint 64. कुटन को 'बडभागी' क्यों कहा गया है? फूलों से लदा होने के कारण कालिदास के काम आने के कारण रहीम के काम आने के कारण रामगिरि पर्वत श्रृंखला पर होने के कारण None Hint 65. राजेंद्र यादव द्वारा संपादित पत्रिका का नाम है: काँटे की बात कहानी प्रथम प्रेम हंस None Hint 66. उत्पादन बढ़ाने के लिए मालिक ने क्या उपाय सोचा? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। मजदूरों को चार हाथ देना। मशीनों को आराम देना। मजदूरों को अधिक वेतन देना। मिल को बंद करना। None Hint 67. “मुरारि, अधःगति” — संधि/संधिच्छेद क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : मुरारि, अधगति (कोई संधि नहीं) मुरा+रि, अधः+गति मुर+आरि, अध+गति मु+रारि, अधगति None Hint 68. 'शैशव की चित्रशाला गहरा होता है' पंक्ति में प्रयुक्त' चित्रों' से अभिप्राय है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। तस्वीरों से व्यक्तियों से वस्तुओं से घटनाओं से None Hint 69. “है प्रभो अब यह जीवन नैया तुम्हीं पार लगाओगे” (विराम चिह्न सहित) है, प्रभो! अब, यह जीवन नैया, तुम्हीं पार लगाओगे। है प्रभो अब, यह जीवन नैया, तुम्हीं पार लगाओगे। है प्रभो! अब यह जीवन-नैया तुम्हीं पार लगाओगे। है प्रभो, अब यह जीवन नैया तुम्हीं, पार लगाओगे। None Hint 70. 'थे कयां मुंहोधो महाँ कठ्या सस्ती, लिया री तराजां तोल' पंक्ति में तराजू पर तौलकर लेने से क्या अभिप्राय है? बजन करके लिया जाना नाप-तोलकर लेना तराजू के पलड़े पर रख लेना सोच-समझकर निर्णय लेना None Hint 71. कलम से किनकी जय बोलने के लिए कहा जा रहा है? और क्यों? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। सैनिकों की कवियों की नेताओं की शहीद स्वतंत्रता सेनानियों की None Hint 72. 'आँधियों नहीं जिसमें उमंग भरती है' पंक्ति में आँधी' प्रतीक है: क्रांति बाधाएँ तेज हवा बदलाय None Hint 73. सेल्यूलर जेल की नीचे की चार कोठरियों को 'काल कोठरियाँ' क्यों कहा जाता था? कैदियों को सबसे पहले वहीं रखे जाने के कारण काल के समान भयानक दिखाई दिए जाने के कारण फाँसी दी जाने से पहले कैदियों को वहाँ रखने के कारण साफ-सफाई का उचित प्रबंधन होने के कारण None Hint 74. 'आषाढ़स्य प्रथम दिवसे' में यक्ष ने किन फूलों से मेषों को अभ्यर्थना की थी? मल्लिका बकुल कुटन नौलोत्पल None Hint 75. वार्धक्य का अर्थ है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। बुढ़ापा सुप्तावस्था जवानी शैशवावस्था None Hint 76. 'हो गई है पीर पर्वतों सी' पंक्ति के संदर्भ में लिखिए कि 'पीर का पर्वतों के समान होना से क्या अभिप्राय है? ऊँचा होना अगम्य होना दुर्गम होना विशाल होना None Hint 77. अतीत और वर्तमान के बीच की समय की खाई बढ़ने पर क्या परिणाम निकलता है? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। हमारी स्मृतियों में परिवर्तन आने लगता हैं। सामाजिक दूरियाँ बढ़ने लगती हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियाँ बढ़ने लगती हैं। हमारी स्मृतियाँ धूमिल पड़ने लगती हैं। None Hint 78. “बालक दौड़ता है।” — इसका भाववाच्य रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : दौड़ना हो रहा है। बालक दौड़ रहा है। दौड़ा जाता है। दौड़ बालक द्वारा की जाती है। None Hint 79. प्रशासनिक कार्यों से संबंधित पत्रों में निम्नलिखित नहीं आता है: अर्थ सरकारी पत्र परिपत्र कार्यालय ज्ञापन संवेदना पत्र None Hint 80. सुश्रुत संहिता किस पद्धति का ग्रंथ है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: तंत्र होम्योपैथी धातुविज्ञान आयुर्वेद None Hint 81. 'अतिशय' और 'लेखक' से उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए: व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : अति+शय, लेख+ख अत+ई+शय, ले+खक अति+श, ले+खक अति+शय, लेख+क None Hint 82. सुभद्राकुमारी चौहान द्वारा रचित साहित्य किस विधा में लिखा गया है? कविता नाटक संस्मरण कहानी None Hint 83. वह अनेकों मामलों में गवाह था। (शुद्ध वाक्य चुनिए) वह अनेकों मामला में गवाह था। वह अनेक मामले में गवाह था। वह अनेकों मामलों में गवाह था। वह अनेक मामलों में गवाह था। None Hint 84. 'शैशव की चित्रशाला...... गहरा होता है' पंक्ति में प्रयुक्त 'चित्रों' से अभिप्राय है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। वस्तुओं से तस्वीरों से घटनाओं से व्यक्तियों से None Hint 85. भास्कराचार्य का संबंध था: भौतिकी धातु विज्ञान गणित और खगोल रसायन None Hint 86. 'अस्वस्थ होने वाला' के लिए एक शब्द क्या है? रोगी डॉक्टर स्वस्थ निरोगी None Hint 87. स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति हमारा क्या कर्तव्य है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। उन्हें भूल जाना उनके बलिदान को नजरअंदाज करना उन्हें सम्मान देना और उनके आदर्शों पर चलना केवल किताबों में पढ़ना None Hint 88. 'नेह-जल' में कौन-सा अलंकार है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। उत्प्रेक्षा रूपक अतिशयोक्ति मानवीकरण None Hint 89. मिल मालिक अजीब बातें क्यों सोचता था? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। वह सारा संसार अपनी मिल बनाना चाहता था। वह मजदूरी बाँटना चाहता था। उसे विज्ञान में रुचि थी। वह मजदूरों की मदद करना चाहता था। None Hint 90. 'मैं नीर भरी दुख की बदली' की पंक्ति 'नभ के नवरंग बुनते दुकूल' में कौन-सा अलंकार है? उपमा यमक अनुप्रास रूपक None Hint 91. गद्यांश के रचयिता का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। महादेवी वर्मा सुभद्राकुमारी चौहान राजेन्द्र यादव महावीर प्रसाद द्विवेदी None Hint 92. भारतीय चिकित्सा पद्धति का सर्वप्रथम ज्ञान किस ग्रंथ में मिलता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: ऋग्वेद महाभारत अथर्ववेद उपनिषद None Hint 93. 'मन में नदियों में गंगा' — इस मुहावरे का अर्थ क्या है? गंगा जाना मन में हो मन को बहा देना मन पवित्र होना मन में नदी बह रही हो None Hint 94. ग्रीष्म ऋतु के जाते ही वर्षा ऋतु आ गई। (संयुक्त वाक्य चुनिए) ग्रीष्म ऋतु के जाते ही, वर्षा ऋतु का इंतजार हुआ। ग्रीष्म ऋतु गई, और वर्षा ऋतु आ गई। ग्रीष्म ऋतु जाएगी तभी वर्षा ऋतु आएगी। वर्षा ऋतु तब आती है जब ग्रीष्म ऋतु जाती है। None Hint 95. समाचार का संकलन कौन करते हैं? पाठक संवाददाता संपादक दर्शक None Hint 96. 'पदमाकर' द्वारा रचित कविता में किस त्योहार का वर्णन किया गया है? दशहरा वसंत पंचमी दीवाली होली None Hint 97. 'विराटा की पद्मिनी' उपन्यास के रचयिता कौन हैं? वृंदावनलाल वर्मा रामचंद्र शुक्ल लक्ष्मीनारायण लाल जयशंकर प्रसाद None Hint 98. समाचारों के चयन और संपादन में किसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है? फोटोग्राफर संपादक कैमरामैन रिपोर्टर None Hint 99. 'संयुक्त परिवार' कविता के आधार पर कवि की बेचैनी का कारण क्या है? कवि को आज की आधुनिक जीवनशैली अच्छी लगती है। कवि को अपने पुराने घर की याद आती है। कवि घर के नियमों से नाराज़ होता है। कवि को अतिथि के बिना मिले लौट जाने की पीड़ा होती है। None Hint 100. 'लिए बिना गर्दन का मोल' का क्या आशय है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। बिना किसी स्वार्थ या लाभ के बलिदान देना सम्मान के बदले जान देना सिर झुकाकर बलिदान देना गर्दन का मूल्य लेकर बलिदान देना None Hint 101. “इतिहासिक, आशिवार्द” — इनका शुद्ध रूप क्या है? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : ऐतिहासिक, आशीर्वर्ध ऐतिहासिक, आशीर्वाद एतिहासिक, आशिर्वाद इतिहासक, असीर्वाद None Hint 102. "काज पर कछु और है" यह किस कवि की पंक्ति है? तुलसी रहीम मुक्तिबोध बिहारी None Hint 103. गद्यांश से शिक्षा ग्रहण की जा सकती है: निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। परिस्थितियों से तालमेल बनाके रखना अपनी हठता पर अडिग बने रहना विवेक के काम न लेना परिस्थितियों का विरोध करना None Hint 104. इस कविता के कवि और काव्यशैली का नाम क्या है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** रहीम – रीतिकाव्य तुलसीदास – रामभक्ति काव्य अज्ञात – नीति काव्य कबीर – निर्गुण भक्ति काव्य None Hint 105. वह उठ नहीं सकता। (भाववाच्य में वाक्य) उसके द्वारा उठना संभव नहीं है। उससे उठाया नहीं जा सकता। उठ नहीं सकता वह। वह उठता नहीं है। None Hint 106. गुरुत्वाकर्षण शक्ति किसे कहते हैं? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: विद्युत शक्ति चुम्बकीय शक्ति गुरुत्वाकर्षण शक्ति प्रेरण शक्ति None Hint 107. 'हमारी सोसायटी में दो गार्ड हैं' कथन प्रयुक्ति के आधार पर किस भेद के अंतर्गत आता है? साहित्यिक हिंदी सामान्य व्यवहार या बोलचाल की हिंदी कार्यालयी हिंदी संचार माध्यम की हिंदी None Hint 108. हिंदी साहित्य के भारतेंदु युग में कविताओं में प्रमुख स्वर रहा है: प्रयोगवाद प्रेम और सौंदर्य छायावाद देश भक्ति None Hint 109. रीतिकाल के रीतिपरक काव्य धारा के नीतिपरक रचनाओं के प्रमुख कवि हैं: मतिराम बिहारी घनानंद गिरिधर None Hint 110. 'चीफ की दावत' पात साहित्य की किस विधा में लिखा गया है? निबंध संस्मरण कहानी एकांकी None Hint 111. 'बारे उजियारी करें' पंक्ति में अलंकार है: अतिशयोक्ति यमक श्लेष उपमा None Hint 112. स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के साक्षी कौन हैं? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। इतिहासकार सूर्य, चंद्रमा, भूगोल, खगोल नेता आम जनता None Hint 113. 'परशुराम के उपदेश' कविता के संदर्भ में 'चट्टानों की छाती से दूध निकालो' से क्या अभिप्राय है? चट्टानों से जलधारा निकालना विपरीत परिस्थितियों में अपना मस्तक ऊँचा रखना चट्टानों से अमृत निकालना विपरीत परिस्थितियों में अपना लक्ष्य प्राप्त करी None Hint 114. प्रतिवेदन की प्रामाणिकता दिए गए साक्ष्यों तथा तथ्यों पर निर्भर करती है। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर निर्भर होती है साक्ष्यों और तथ्यों पर निर्भर नहीं करती साक्ष्यों तथा तथ्यों पर निर्भर करती है केवल अधिकारी के मत पर निर्भर होती है None Hint 115. सामयिक और रोजमर्रा के टिप्पण को नेमी टिप्पण कहते हैं। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : गलत — इन्हें स्थायी टिप्पण कहा जाता है गलत — इन्हें विशिष्ट टिप्पण कहा जाता है सही — इन्हें नेमी टिप्पण कहा जाता है सही — क्योंकि ये केवल आदेशात्मक होते हैं None Hint 116. इतिहास को अंधा क्यों कहा है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। उसमें चित्र नहीं होते वह सब कुछ देख नहीं सकता वह भुलक्कड़ होता है उसमें जानकारी नहीं है None Hint 117. एजूसेट का क्या उपयोग है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने के लिए ऑनलाइन गेम के लिए सरकारी दस्तावेज़ स्कैन करने के लिए फिल्म देखने के लिए None Hint 118. औपचारिक पत्र का भेद नहीं है: सरकारी सरकारी कामकाज संबंधी संबंधियों को लिखे गए पत्र बधाई पत्र None Hint 119. पठित, संयुक्त (विलोम शब्द चुनिए) समझ, खुला टालना, मिलाना सरल, जोड़ अपठित, पृथक None Hint 120. “एक जंगल में दो शेर रहते थे।” — इसका संयुक्त वाक्य रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : एक जंगल में दो शेर रहते थे, इसलिए वह प्रसिद्ध था। दो शेर जंगल में रहते थे। दो शेर एक जंगल में रहते थे। जंगल में दो शेर थे और वे रहते थे। None Hint 121. 'परशुराम के उपदेश' कविता में दिनकर जी की भाषागत विशेषताएँ क्या हैं? शृंगारिक और कोमल भावों वाली भाषा ओजपूर्ण और वीर रस से भरपूर भाषा सरल और बालोपयोगी भाषा नीति और उपदेशों से युक्त संस्कृतनिष्ठ भाषा None Hint 122. किसके नेत्रों से अबु बहने लगे? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। भरत राम कैकयों मुनि None Hint 123. “अन” प्रत्यय से बने दो शब्द कौन-से हैं? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : अनमोल, अनपढ़ ऊपर, अनाज अनदेखा, अनपढ़ अनजाना, अनोखा None Hint 124. 'पीढ़ियाँ और गिट्टियाँ' पाठ में मंदिर में स्थापित देवताओं के नाराज होने का क्या कारण था? युवाओं द्वारा उनकी रॉयल्टी का प्रबंध न करना उनका बाग-बगीचों में नहीं घूम पाना पेड़ों पर उनके झंडों का न लग पाना युवाओं के द्वारा जीवन का आनंद लेना None Hint 125. 'अपराधिहु पर कोह न काऊ' कहकर भरत राम के बारे में क्या कहना चाहते हैं? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : राम अत्यंत दयालु, क्षमाशील और धर्मपरायण व्यक्ति हैं जो अपने प्रति अपराध करने वालों पर भी क्रोध नहीं करते। भरत इस पंक्ति के माध्यम से राम के आदर्श चरित्र की प्रशंसा करते हैं, जिसमें वे न्याय और करुणा का समन्वय करते हैं। यह राम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप को दर्शाता है, जो अपने जीवन में किसी के प्रति द्वेष या क्रोध नहीं रखते, चाहे सामने अपराधी ही क्यों न हो। राम केवल अपने परिवार के प्रति कोमल हैं, लेकिन समाज के अन्य अपराधियों के प्रति कठोर हैं। भरत राम को एक सामान्य राजा के रूप में दिखाते हैं, जो नियमों के अनुसार सजा और इनाम देता है। None Hint 126. ओ बी वैन के प्रचलन से क्या सुविधा होने लगी है? समाचारों का सीधा प्रसारण संभव हुआ संपादकीय लेखन आसान हो गया दूरदर्शन पर विज्ञापन दिखाने की मोबाइल से समाचार भेजने की None Hint 127. चार हाथों का विचार मालिक को क्यों अच्छा लगा? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। मजदूरों को सम्मान मिलता। मजदूरों को खुशी मिलती। काम कम हो जाता। काम तेज़ होता और मुनाफा बढ़ता। None Hint 128. “निरपराधी व्यक्ति को सजा नहीं मिलनी चाहिए।” वाक्य का शुद्ध रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : निर्दोष व्यक्ति को दंड नहीं मिलना चाहिए। निरपराध व्यक्ति को दंड नहीं होना चाहिए। निरपराध व्यक्ति को सजा नहीं मिलनी चाहिए। निरपराधी व्यक्ति को दंड नहीं मिलना चाहिए। None Hint 129. अच्छे पत्र का गुण नहीं है: सरलता क्लिष्टता संक्षिप्तता प्रभावशीलता None Hint 130. ‘दीन-दयाल-निवाय’ में कौन-सा अलंकार है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** श्लेष उपमा यमक अनुप्रास None Hint 131. अत्याचार, पालक (उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए) अत्याचार = अत + याचार, पालक = पालक + ण अत्याचार = अत्य + चार, पालक = पालक (कोई प्रत्यय नहीं) अत्याचार = अत्य + आचार, पालक = पाल + अक अत्याचार = आ + आचार, पालक = पाल + इक None Hint 132. भरत की आँखें सदैव किसकी प्यासी बनी रही? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राम के दर्शनों की राजा दशरथ के प्रेम की राम के प्रेम की माता कैकयी के प्रेम की None Hint 133. 'मौन' कविता में कवि कैसे जीवन की कामना करता है?* तेज और उत्तेजक जीवन की विलासितापूर्ण जीवन की संघर्षमय जीवन की शांत और गहरे जीवन की None Hint 134. सूचना प्रौद्योगिकी का लाभ नहीं है: समाचारों के प्रति रुचि का अभाव शिक्षा का प्रचार प्रसार मनोरंजन सामाजिक राजनीतिक जागरुकता None Hint 135. None 136. 'अधीरता' शब्द में कौन-सा उपसर्ग है? धीर अ ता अधीर None Hint 137. अंत में मिल मालिक ने क्या उपाय अपनाया? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। मजदूरों को निकाल दिया। मजदूरी दोगुनी कर दी। मशीनें लगवा दीं। मजदूरी आधी कर दी और दोगुने मजदूर रख लिए। None Hint 138. 'जड़' शब्द का सही अर्थ है:* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। निर्जीव मूल दूँठ स्थिर None Hint 139. इसमें लेखक क्या संदेश देना चाहता है? लिखिए। निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। कठिन परिस्थितियों में भी सुंदरता और आशा को बनाए रखना चाहिए। जीवन की समस्याओं से भाग जाना चाहिए। जीवन को मौन और कठोरता से जीना चाहिए। केवल प्रकृति ही सबसे बड़ी प्रेरणा है। None Hint 140. कुमुद युद्ध में कुंजर सिंह के साथ क्यों जाना चाहती है? नरपति सिंह से पीछा छुड़ाने के कारण कुंजर सिंह से प्रेम करने के कारण देवी सिंह की महत्त्वाकांक्षापर अपना बलिदान देना चाहती है अलीमर्दान से डर जाने के कारण None Hint 141. 'संयुक्त परिवार' कविता के कवि के घर से कभी कोई बिना मिले क्यों नहीं लौटा ? घर में ताला नहीं लगे होने के कारण घरवालों के सद्व्यवहार के कारण आवभगत किए जाने के कारण संयुक्त परिवार होने के कारण None Hint 142. 'उनकी रेखाएँ और रंग......... चटकीले होते चलते हैं।' वाक्य में प्रयुक्त 'रेखाएँ और रंग' संकेत करते हैं: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। बनावट और दृश्यता की और आकृति और वर्ण-विन्यास की और रंग-रूप और वेशभूषा की ओर जीवन और व्यक्तित्व की ओर None Hint 143. 'वह तोड़ती पत्थर' कविता में 'वह' से क्या संकेत है?* एक रानी से एक देवता से एक श्रमिक स्त्री से एक शिक्षिका से None Hint 144. वैदिक युग के लोग प्रयोग नहीं करते थे: चाँदी कौसा लोहा ताँबा None Hint 145. 'बूढ़ा आदमी बहुत प्रकार मन करे' — यह वाक्य शुद्ध रूप में क्या होगा? बूढ़ा आदमी बहुत काम करना चाहता है बूढ़ा आदमी मन करता है बूढ़ा आदमी बहुत बूढ़ा है बूढ़ा आदमी किसी प्रकार काम करे None Hint 146. निम्नलिखित में से कंप्यूटर क्या नहीं कर सकता? लंबे समय तक निर्देशों का पहचान अनगिनत संख्याओं की पहचान वर्तनी शुद्ध करना प्रयोक्ता की आवाज की पहचान None Hint 147. राम के स्वभाव की क्या विशेषता है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। अपराधी पर भी क्रोध न करना गुरुजनों पर क्रोध करना दृढ़ता पूर्वक बोलना चोटों से प्रेम न करना None Hint 148. संचार माध्यमों से क्या लाभ होता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: केवल मनोरंजन होता है भाषाएँ नष्ट होती हैं सूचना, शिक्षा और जागरूकता मिलती है केवल व्यापार बढ़ता है None Hint 149. लेखिका और सुभद्राकुमारी के बीच किस प्रकार के संबंध थे? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। रागात्मक औपचारिक पारीवारिक कामकाजी None Hint 150. रामचरितमानस' किसकी रचना है? मुक्तिबोध दिनकर रहीम तुलसी None Hint Time's up Share: admin Previous post Data Entry Nios plus two June 20, 2025 Next post Hindi Nios Plus Two PQ - II June 21, 2025