Hindi Nios Plus Two PQ – I Welcome to your Hindi Nios Plus Two PQ - I Total Questions: 150 Name Mobile No: 1. “इतिहासिक, आशिवार्द” — इनका शुद्ध रूप क्या है? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : ऐतिहासिक, आशीर्वर्ध एतिहासिक, आशिर्वाद इतिहासक, असीर्वाद ऐतिहासिक, आशीर्वाद None Hint 2. यह अंश किस पाठ से लिया गया है और उसके लेखक कौन हैं? निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। दो कलाकार – यशपाल आखिरी चट्टान – राहुल सांकृत्यायन गद्य कैसे पढ़ें – हजारी प्रसाद द्विवेदी कुटज – डॉ. रामकुमार वर्मा None Hint 3. सूचना प्रौद्योगिकी का लाभ नहीं है: सामाजिक राजनीतिक जागरुकता समाचारों के प्रति रुचि का अभाव मनोरंजन शिक्षा का प्रचार प्रसार None Hint 4. वह उठ नहीं सकता। (भाववाच्य में वाक्य) वह उठता नहीं है। उसके द्वारा उठना संभव नहीं है। उससे उठाया नहीं जा सकता। उठ नहीं सकता वह। None Hint 5. गद्यांश से शिक्षा ग्रहण की जा सकती है: निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। अपनी हठता पर अडिग बने रहना परिस्थितियों का विरोध करना परिस्थितियों से तालमेल बनाके रखना विवेक के काम न लेना None Hint 6. हिंदी साहित्य के भारतेंदु युग में कविताओं में प्रमुख स्वर रहा है: छायावाद प्रयोगवाद देश भक्ति प्रेम और सौंदर्य None Hint 7. 'नवरस' शब्द का संधि विच्छेद क्या है? नवा + रस नव: + रस नव + रस नव + रस्स None Hint 8. 'परशुराम के उपदेश' कविता में दिनकर जी की भाषागत विशेषताएँ क्या हैं? सरल और बालोपयोगी भाषा नीति और उपदेशों से युक्त संस्कृतनिष्ठ भाषा ओजपूर्ण और वीर रस से भरपूर भाषा शृंगारिक और कोमल भावों वाली भाषा None Hint 9. उत्पादन बढ़ाने के लिए मालिक ने क्या उपाय सोचा? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। मशीनों को आराम देना। मजदूरों को चार हाथ देना। मजदूरों को अधिक वेतन देना। मिल को बंद करना। None Hint 10. गद्यांश के पाठ का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए:हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। दो कलाकार सुभद्राकुमारी चौहान यक्ष युधिष्ठिर संवाद कुटज None Hint 11. रामचरितमानस' किसकी रचना है? दिनकर तुलसी मुक्तिबोध रहीम None Hint 12. मिल मालिक अजीब बातें क्यों सोचता था? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। वह मजदूरों की मदद करना चाहता था। वह सारा संसार अपनी मिल बनाना चाहता था। उसे विज्ञान में रुचि थी। वह मजदूरी बाँटना चाहता था। None Hint 13. 'पृथ्वी' का पर्यायवाची शब्द कौन-सा है? जल आकाश अग्नि भूमि None Hint 14. वार्धक्य का अर्थ है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। सुप्तावस्था बुढ़ापा जवानी शैशवावस्था None Hint 15. अच्छे पत्र का गुण नहीं है: सरलता क्लिष्टता संक्षिप्तता प्रभावशीलता None Hint 16. 'वह तोड़ती पत्थर' कविता में किस ऋतु का वर्णन है? शिशिर हेमंत शरद ग्रीष्म None Hint 17. 'लिए बिना गर्दन का मोल' का क्या आशय है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। बिना किसी स्वार्थ या लाभ के बलिदान देना सिर झुकाकर बलिदान देना सम्मान के बदले जान देना गर्दन का मूल्य लेकर बलिदान देना None Hint 18. कष्टप्रद स्थिति में जीवन धारण करने वाले कुटज के समान अपने जीवन की किसी घटना का उदाहरण दीजिए। निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। मित्र के साथ क्रिकेट खेलना। महामारी में मोबाइल न होते हुए भी पढ़ाई जारी रखना। गर्मी की छुट्टियों में यात्रा करना। परीक्षा में कम अंक आना। None Hint 19. लेखक की दृष्टि में कुटज के पेड़ को 'कूटज' कहना अधिक उचित क्यों है? मौसम की मार से बेअसर रहने के कारण छोटा-सा शानदार वृक्ष होने के कारण अद्भुत जिजीविषा के कारण गिरिकूट पर उत्पन्न होने के कारण None Hint 20. अत्याचार, पालक (उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए) अत्याचार = अत + याचार, पालक = पालक + ण अत्याचार = अत्य + चार, पालक = पालक (कोई प्रत्यय नहीं) अत्याचार = आ + आचार, पालक = पाल + इक अत्याचार = अत्य + आचार, पालक = पाल + अक None Hint 21. 'अस्वस्थ होने वाला' के लिए एक शब्द क्या है? रोगी डॉक्टर निरोगी स्वस्थ None Hint 22. 'अतिशय' और 'लेखक' से उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए: व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : अति+शय, लेख+ख अति+शय, लेख+क अत+ई+शय, ले+खक अति+श, ले+खक None Hint 23. संचार माध्यमों का उद्देश्य है: भ्रष्टाचार फैलाना मनोरंजन करना सूचना छिपाना विद्यालय खोलना None Hint 24. भरत की आँखे सदैव किसकी प्यासी बनी रही? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राम के प्रेम की राम के दर्शनों की माता कैकयी के प्रेम की राजा दशरथ के प्रेम की None Hint 25. 'पदमाकर' द्वारा रचित कविता में किस त्योहार का वर्णन किया गया है? होली दीवाली वसंत पंचमी दशहरा None Hint 26. 'अधीरता' शब्द में कौन-सा उपसर्ग है? अ अधीर धीर ता None Hint 27. वैदिक युग के लोग प्रयोग नहीं करते थे: ताँबा चाँदी लोहा कौसा None Hint 28. 'उनकी रेखाएँ और रंग......... चटकीले होते चलते हैं।' वाक्य में प्रयुक्त 'रेखाएँ और रंग' संकेत करते हैं: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। रंग-रूप और वेशभूषा की ओर जीवन और व्यक्तित्व की ओर बनावट और दृश्यता की और आकृति और वर्ण-विन्यास की और None Hint 29. पंचवटी (समास पहचानिए) द्वंद्व बहुव्रीहि कर्मधारय तत्पुरुष None Hint 30. 'संयुक्त परिवार' कविता के आधार पर कवि की बेचैनी का कारण क्या है? कवि को अपने पुराने घर की याद आती है। कवि घर के नियमों से नाराज़ होता है। कवि को आज की आधुनिक जीवनशैली अच्छी लगती है। कवि को अतिथि के बिना मिले लौट जाने की पीड़ा होती है। None Hint 31. एजूसेट का क्या उपयोग है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: सरकारी दस्तावेज़ स्कैन करने के लिए फिल्म देखने के लिए ऑनलाइन गेम के लिए दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने के लिए None Hint 32. 'चीफ की दावत' पाठ के लेखक का क्या नाम है? अमृतलाल नागर मोहन राकेश मन्नू भंडारी भीष्म साहनी None Hint 33. तुलसी ने रामचरितमानस में सर्वाधिक किस छंद का प्रयोग किया है?* चौपाई सोरठा सवैया दोहा None Hint 34. चार हाथों का विचार मालिक को क्यों अच्छा लगा? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। मजदूरों को सम्मान मिलता। काम तेज़ होता और मुनाफा बढ़ता। काम कम हो जाता। मजदूरों को खुशी मिलती। None Hint 35. 'विराटा की पद्मिनी' उपन्यास के रचयिता कौन हैं? रामचंद्र शुक्ल वृंदावनलाल वर्मा जयशंकर प्रसाद लक्ष्मीनारायण लाल None Hint 36. वह अनेकों मामलों में गवाह था। (शुद्ध वाक्य चुनिए) वह अनेक मामले में गवाह था। वह अनेकों मामलों में गवाह था। वह अनेक मामलों में गवाह था। वह अनेकों मामला में गवाह था। None Hint 37. भारतीय चिकित्सा पद्धति का सर्वप्रथम ज्ञान किस ग्रंथ में मिलता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: ऋग्वेद उपनिषद महाभारत अथर्ववेद None Hint 38. हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में क्या अंतर है? हार्डवेयर दृश्य होता है, सॉफ्टवेयर अदृश्य दोनों केवल मेमोरी हैं हार्डवेयर एक ऐप है सॉफ्टवेयर बिना बिजली चलता है None Hint 39. "काज पर कछु और है" यह किस कवि की पंक्ति है? रहीम बिहारी तुलसी मुक्तिबोध None Hint 40. 'बूढ़ा आदमी बहुत प्रकार मन करे' — यह वाक्य शुद्ध रूप में क्या होगा? बूढ़ा आदमी किसी प्रकार काम करे बूढ़ा आदमी बहुत बूढ़ा है बूढ़ा आदमी बहुत काम करना चाहता है बूढ़ा आदमी मन करता है None Hint 41. “अन” प्रत्यय से बने दो शब्द कौन-से हैं? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : अनजाना, अनोखा अनमोल, अनपढ़ ऊपर, अनाज अनदेखा, अनपढ़ None Hint 42. 'उनकी रेखाएँ और रंग चटकीले होते चलते हैं।' वाक्य में प्रयुक्त 'रेखाएँ और रंग' संकेत करते हैं। दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। बनावट और दृश्यता की ओर रंग-रूप और वेशभूषा की ओर आकृति और वर्ग-विन्यास की और जीवन और व्यक्तित्व की और None Hint 43. 'हमारी सोसायटी में दो गार्ड हैं' कथन प्रयुक्ति के आधार पर किस भेद के अंतर्गत आता है? सामान्य व्यवहार या बोलचाल की हिंदी संचार माध्यम की हिंदी साहित्यिक हिंदी कार्यालयी हिंदी None Hint 44. “मुरारि, अधःगति” — संधि/संधिच्छेद क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : मुर+आरि, अध+गति मु+रारि, अधगति मुरारि, अधगति (कोई संधि नहीं) मुरा+रि, अधः+गति None Hint 45. गद्यांश से लेखक की धारणा स्पष्ट होती है: निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। हठता और अहंभावना की दृढ़ता और जीवंतता की दृढ़ता और जड़ता की कठोरता और मृदुता की None Hint 46. अंत में मिल मालिक ने क्या उपाय अपनाया? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। मजदूरी दोगुनी कर दी। मजदूरों को निकाल दिया। मजदूरी आधी कर दी और दोगुने मजदूर रख लिए। मशीनें लगवा दीं। None Hint 47. हिंदी साहित्य की सूफी काव्य की विशेषता में शैली है: भसनवी अवधी बारहमासा पहलवी None Hint 48. 'कब को टेरत दीन रट' दोहे में 'सांसारिक हया लगने' के उलाहने से भक्ति के कौन-से भाम की पुष्टि होती है? उचित विकल्प चुनकर लिखिए: (A) सख्यB) दास्य(C) अंतरंग(D) स्वामी (B) और (ID) दोनों (A) और (C) दोनों केवल (B केवल (D) None Hint 49. इतिहास को अंधा क्यों कहा है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। वह भुलक्कड़ होता है वह सब कुछ देख नहीं सकता उसमें चित्र नहीं होते उसमें जानकारी नहीं है None Hint 50. निम्नलिखित में सत्य कथन है: श्रव्य माध्यम सुनाई नहीं पड़ता अखबारों से जागरूकता नहीं आती मुद्रित माध्यम स्थायी नहीं है टी.वी. दृश्य श्रव्य माध्यम है None Hint 51. None 52. 'होत होत ही होय' पंक्ति में अलंकार है: श्लेष यमक उपमा अनुप्रास None Hint 53. स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के साक्षी कौन हैं? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। इतिहासकार आम जनता नेता सूर्य, चंद्रमा, भूगोल, खगोल None Hint 54. “यथासमय” — इसका समास विग्रह और प्रकार क्या है? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : यथा के अनुसार समय – अव्ययीभाव समास यथा समय – द्वंद्व समास यथा समय – तत्पुरुष समास समय अनुसार – कर्मधारय समास None Hint 55. 'शैशव की चित्रशाला...... गहरा होता है' पंक्ति में प्रयुक्त 'चित्रों' से अभिप्राय है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। वस्तुओं से घटनाओं से तस्वीरों से व्यक्तियों से None Hint 56. गुरुत्वाकर्षण शक्ति किसे कहते हैं? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: चुम्बकीय शक्ति विद्युत शक्ति गुरुत्वाकर्षण शक्ति प्रेरण शक्ति None Hint 57. 'जड़' शब्द का सही अर्थ है:* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। दूँठ स्थिर निर्जीव मूल None Hint 58. 'शैशव की चित्रशाला गहरा होता है' पंक्ति में प्रयुक्त' चित्रों' से अभिप्राय है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। घटनाओं से तस्वीरों से व्यक्तियों से वस्तुओं से None Hint 59. 'आँधियों नहीं जिसमें उमंग भरती है' पंक्ति में आँधी' प्रतीक है: क्रांति बाधाएँ तेज हवा बदलाय None Hint 60. 'आषाढ़स्य प्रथम दिवसे' में यक्ष ने किन फूलों से मेषों को अभ्यर्थना की थी? कुटन नौलोत्पल बकुल मल्लिका None Hint 61. सोना और धतूरा की तुलना किस कवि ने की है? मुक्तिबोध तुलसी बिहारी रहीम None Hint 62. 'चीफ की दावत' पात साहित्य की किस विधा में लिखा गया है? निबंध संस्मरण एकांकी कहानी None Hint 63. इस पाठ के लेखक हैं:* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। राजेंद्र यादव हरिशंकर परसाई रामचंद्र शुक्ल कन्हैया प्रभाकर None Hint 64. अतीत और बर्तमान के बीच की समय की खाई बढ़ने पर क्या परिणाम निकलता है? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। हमारी स्मृतियाँ धूमिल पड़ने लगती हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियाँ बढ़ने लगती हैं। सामाजिक दूरियाँ बढ़ने लगती हैं। हमारी स्मृतियों में परिवर्तन आने लगता हैं। None Hint 65. 'बारे उजियारी करें' पंक्ति में अलंकार है: यमक उपमा श्लेष अतिशयोक्ति None Hint 66. इस कविता के कवि और काव्यशैली का नाम क्या है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** कबीर – निर्गुण भक्ति काव्य तुलसीदास – रामभक्ति काव्य रहीम – रीतिकाव्य अज्ञात – नीति काव्य None Hint 67. गुरु वशिष्ठ ने क्या किया? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राम को अयोध्या चलने को कहा राम के मन की बात कह दी भरत के मन की बात कह दी भरत को चुप रहने को कहा None Hint 68. ओ बी वैन के प्रचलन से क्या सुविधा होने लगी है? समाचारों का सीधा प्रसारण संभव हुआ मोबाइल से समाचार भेजने की दूरदर्शन पर विज्ञापन दिखाने की संपादकीय लेखन आसान हो गया None Hint 69. पठित, संयुक्त (विलोम शब्द चुनिए) अपठित, पृथक सरल, जोड़ टालना, मिलाना समझ, खुला None Hint 70. आप अपने जीवन की किसी आश्चर्यजनक घटना का अनुभव लगभग 40 शब्दों में लिखिए। छुट्टियों में मैंने दोस्तों के साथ मस्ती की और पिकनिक मनाई। एक बार परीक्षा के दिन सुबह मैं देर से उठा और सोच रहा था कि पेपर छूट जाएगा, लेकिन जैसे ही पहुँचा, पेपर देर से शुरू हुआ। यह मेरे लिए चमत्कार जैसा अनुभव था। स्कूल जाते समय मैं रोज बस पकड़ता हूँ, और बस समय पर आ जाती है। एक बार मैं पार्क में खेल रहा था, और अचानक बिजली चली गई। None Hint 71. भास्कराचार्य का संबंध था: भौतिकी गणित और खगोल धातु विज्ञान रसायन None Hint 72. किसके नेत्रों से अबु बहने लगे? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। कैकयों भरत राम मुनि None Hint 73. 'चीफ की दावत' पाठ में शामनाथ किस वर्ग का प्रतिनिधित्व कर रहा है? उच्य वर्ग का मध्यम वर्ग का निम्न वर्ग का सामान्य वर्ग का None Hint 74. कंप्यूटर पर काम करना आसान क्यों है? इसमें बिजली की ज़रूरत नहीं होती यह धीमा होता है यह भाषाएँ नहीं समझता यह निर्देशों पर तेजी से काम करता है None Hint 75. 'नेह-जल' में कौन-सा अलंकार है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। उत्प्रेक्षा अतिशयोक्ति रूपक मानवीकरण None Hint 76. सेल्यूलर जेल की नीचे की चार कोठरियों को 'काल कोठरियाँ' क्यों कहा जाता था? कैदियों को सबसे पहले वहीं रखे जाने के कारण फाँसी दी जाने से पहले कैदियों को वहाँ रखने के कारण साफ-सफाई का उचित प्रबंधन होने के कारण काल के समान भयानक दिखाई दिए जाने के कारण None Hint 77. महादेवी वर्मा की कविता में किन भावनाओं की अभिव्यक्ति हुई है?* सौंदर्य और प्रकृति देशभक्ति और युद्ध भावना प्रेम और हास्य वियोग, करुणा और आत्मबोध None Hint 78. लेखिका और सुभद्राकुमारी के बीच किस प्रकार के संबंध थे? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। पारीवारिक औपचारिक कामकाजी रागात्मक None Hint 79. गद्यांश के रचयिता का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। महादेवी वर्मा राजेन्द्र यादव महावीर प्रसाद द्विवेदी सुभद्राकुमारी चौहान None Hint 80. 'मौन' कविता में कवि कैसे जीवन की कामना करता है?* तेज और उत्तेजक जीवन की शांत और गहरे जीवन की संघर्षमय जीवन की विलासितापूर्ण जीवन की None Hint 81. भरत की आँखें सदैव किसकी प्यासी बनी रही? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। माता कैकयी के प्रेम की राम के दर्शनों की राम के प्रेम की राजा दशरथ के प्रेम की None Hint 82. “है प्रभो अब यह जीवन नैया तुम्हीं पार लगाओगे” (विराम चिह्न सहित) है, प्रभो! अब, यह जीवन नैया, तुम्हीं पार लगाओगे। है प्रभो, अब यह जीवन नैया तुम्हीं, पार लगाओगे। है प्रभो अब, यह जीवन नैया, तुम्हीं पार लगाओगे। है प्रभो! अब यह जीवन-नैया तुम्हीं पार लगाओगे। None Hint 83. शामनाथ और उसकी पत्नी को पसीना पोंछने की फुर्सत क्यों नहीं थी? काम करने की आदत न होने के कारण चौफ की दावत का प्रबंध करने के कारण घर को व्यवस्थित करने के कारण नौकर के अचानक छुट्टी पर चले जाने के कारण None Hint 84. द्विवेदी युग के काव्य की विशेषताओं में शामिल नहीं है: समाज सुधार मानवतावाद प्रकृति वर्णन नीति और आदर्श None Hint 85. संचार माध्यमों से क्या लाभ होता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: केवल व्यापार बढ़ता है सूचना, शिक्षा और जागरूकता मिलती है केवल मनोरंजन होता है भाषाएँ नष्ट होती हैं None Hint 86. “एक जंगल में दो शेर रहते थे।” — इसका संयुक्त वाक्य रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : दो शेर जंगल में रहते थे। दो शेर एक जंगल में रहते थे। जंगल में दो शेर थे और वे रहते थे। एक जंगल में दो शेर रहते थे, इसलिए वह प्रसिद्ध था। None Hint 87. 'वह तोड़ती पत्थर' किस कवि की रचना है? सूर्यकांत त्रिपाठी निराला रहीम तुलसी महादेवी वर्मा None Hint 88. 'पीड़ियाँ और गिट्टियाँ' पाठ के वयोवृद्ध साहित्यकार जेब में क्या रखकर घूमते थे? सुनने वाली मशीन मोटा चश्मा निमोनिया की दवा पाचन चूरन None Hint 89. लेखिका और सुभद्राकुमारी के बीच किस प्रकार के संबंध थे? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। पारीवारिक कामकाजी औपचारिक रागात्मक None Hint 90. अतीत और वर्तमान के बीच की समय की खाई बढ़ने पर क्या परिणाम निकलता है? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियाँ बढ़ने लगती हैं। सामाजिक दूरियाँ बढ़ने लगती हैं। हमारी स्मृतियाँ धूमिल पड़ने लगती हैं। हमारी स्मृतियों में परिवर्तन आने लगता हैं। None Hint 91. 'नेह-जल' में कौन-सा अलंकार है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। अतिशयोक्ति मानवीकरण रूपक उत्प्रेक्षा None Hint 92. समाचारों के चयन और संपादन में किसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है? संपादक रिपोर्टर फोटोग्राफर कैमरामैन None Hint 93. "जीवन, रह जाय चुप निर्द्वन्द्व" मौन कविता की इस पंक्ति से कवि क्या कहना चाहता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : कवि इस पंक्ति से यह कहना चाहते हैं कि जीवन को बिना किसी विचार, संघर्ष या उद्देश्य के निष्क्रिय रह जाना चाहिए, जिससे कोई दुख या जिम्मेदारी न हो। यह एक प्रकार की पलायन की भावना है। कवि कहना चाहता है कि जीवन को बिना किसी द्वंद्व, संघर्ष और शोर-शराबे के शांतिपूर्वक जीना चाहिए। यह पंक्ति दर्शाती है कि सच्चा सुख और संतोष बाहरी आडंबर या शोरगुल में नहीं, बल्कि मौन और भीतर की शांति में है। कवि चाहते हैं कि मनुष्य बाह्य दिखावे से दूर रहकर भीतर की सच्चाई से जुड़ जाए। None Hint 94. गद्यांश के पाठ का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। दो कलाकार यक्ष-युधिष्ठिर संवाद सुभद्राकुमारी चौहान कुटज None Hint 95. पाठ्यपुस्तक में संकलित पद्माकर का काव्य-पाठ किस बंद में लिखा गया है? दोहा सवैया कुंडलिया चौपाई None Hint 96. ग्रीष्म ऋतु के जाते ही वर्षा ऋतु आ गई। (संयुक्त वाक्य चुनिए) ग्रीष्म ऋतु के जाते ही, वर्षा ऋतु का इंतजार हुआ। ग्रीष्म ऋतु गई, और वर्षा ऋतु आ गई। वर्षा ऋतु तब आती है जब ग्रीष्म ऋतु जाती है। ग्रीष्म ऋतु जाएगी तभी वर्षा ऋतु आएगी। None Hint 97. 'मैं नीर भरी दुख की बदली' की पंक्ति 'नभ के नवरंग बुनते दुकूल' में कौन-सा अलंकार है? रूपक उपमा अनुप्रास यमक None Hint 98. यह गद्यांश किस पाठ से लिया गया है?* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। आखिरी चट्टान गद्य कैसे पढ़ें एक था पेड़ एक था दूँठ दो कलाकार None Hint 99. 'संयुक्त परिवार' कविता के कवि के घर से कभी कोई बिना मिले क्यों नहीं लौटा ? संयुक्त परिवार होने के कारण घर में ताला नहीं लगे होने के कारण आवभगत किए जाने के कारण घरवालों के सद्व्यवहार के कारण None Hint 100. अनुच्छेद में 'कुल्हाड़ी-कुल्हाल' किनके प्रतीक हैं? निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। नष्ट करने के कठोरता के काट-छाँट के दृढ़ता और सरलता के None Hint 101. वार्धक्य का अर्थ है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। शैशवावस्था सुप्तावस्था बुढ़ापा जवानी None Hint 102. 'भेड़िया' कविता में भेड़िया प्रतीकार्य है: हिंसा का सामूहिक चेतना का शोषित वर्ग का शोषक वर्ग का None Hint 103. “निरपराधी व्यक्ति को सजा नहीं मिलनी चाहिए।” वाक्य का शुद्ध रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : निरपराध व्यक्ति को सजा नहीं मिलनी चाहिए। निरपराध व्यक्ति को दंड नहीं होना चाहिए। निर्दोष व्यक्ति को दंड नहीं मिलना चाहिए। निरपराधी व्यक्ति को दंड नहीं मिलना चाहिए। None Hint 104. 'क्या भूलूँ क्या याद करूँ मैं' में कवि स्मृतियों के द्वंद्व से मुक्ति की कामना क्यों करता है? क्योंकि वह भविष्य में जीना चाहता है। क्योंकि स्मृतियाँ उसे बेचैन करती हैं। क्योंकि वह अपने अतीत को नकारता है। क्योंकि वह सब कुछ भूल जाना चाहता है। None Hint 105. इसमें लेखक क्या संदेश देना चाहता है? लिखिए। निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। जीवन को मौन और कठोरता से जीना चाहिए। कठिन परिस्थितियों में भी सुंदरता और आशा को बनाए रखना चाहिए। जीवन की समस्याओं से भाग जाना चाहिए। केवल प्रकृति ही सबसे बड़ी प्रेरणा है। None Hint 106. 'पाच्य' और 'नूतन' के विलोम शब्द चुनिए: व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : अपाच्य, प्राचीन सुपाच्य, जर्जर सुपाच्य, पुरातन अपाच्य, पुराना None Hint 107. सामयिक और रोजमर्रा के टिप्पण को नेमी टिप्पण कहते हैं। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : गलत — इन्हें स्थायी टिप्पण कहा जाता है सही — क्योंकि ये केवल आदेशात्मक होते हैं सही — इन्हें नेमी टिप्पण कहा जाता है गलत — इन्हें विशिष्ट टिप्पण कहा जाता है None Hint 108. 'अर्थ सरकारी पत्र मैत्री भाव में लिखे जाते हैं।' आंशिक रूप से सही गलत आवश्यक नहीं सही None Hint 109. प्रतिवेदन की प्रामाणिकता दिए गए साक्ष्यों तथा तथ्यों पर निर्भर करती है। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : साक्ष्यों तथा तथ्यों पर निर्भर करती है केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर निर्भर होती है साक्ष्यों और तथ्यों पर निर्भर नहीं करती केवल अधिकारी के मत पर निर्भर होती है None Hint 110. 'नीलाम्बर' में कौन-सा समास है? बहुव्रीहि द्वंद्व तत्पुरुष अव्ययीभाव None Hint 111. 'सुख-दुःख' में कौन-सा समास है? तत्पुरुष कर्मधारय द्वंद्व बहुव्रीहि None Hint 112. 'पीढ़ियाँ और गिट्टियाँ' पाठ में मंदिर में स्थापित देवताओं के नाराज होने का क्या कारण था? युवाओं द्वारा उनकी रॉयल्टी का प्रबंध न करना पेड़ों पर उनके झंडों का न लग पाना उनका बाग-बगीचों में नहीं घूम पाना युवाओं के द्वारा जीवन का आनंद लेना None Hint 113. सरकारी पत्रों में पृष्ठांकन होता है। आवश्यक नहीं कभी-कभी गलत सही None Hint 114. बड़ों के सम्मुख मुँह न खोलना____________| निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। उनसे डरना है उन्हें प्रसन्न रखना है शिष्टाचार की परंपरा है दबाव सहन करना है None Hint 115. रीतिकाल के रीतिपरक काव्य धारा के नीतिपरक रचनाओं के प्रमुख कवि हैं: मतिराम घनानंद गिरिधर बिहारी None Hint 116. औपचारिक पत्र का भेद नहीं है: बधाई पत्र सरकारी कामकाज संबंधी संबंधियों को लिखे गए पत्र सरकारी None Hint 117. किसी विभाग अथवा कार्यालय द्वारा अपने कर्मचारी को निर्देश देने के लिए 'कार्यालय आदेश' का प्रयोग किया जाता है। संभवतः सही संदेहास्पद सही गलत None Hint 118. कुमुद युद्ध में कुंजर सिंह के साथ क्यों जाना चाहती है? नरपति सिंह से पीछा छुड़ाने के कारण अलीमर्दान से डर जाने के कारण देवी सिंह की महत्त्वाकांक्षापर अपना बलिदान देना चाहती है कुंजर सिंह से प्रेम करने के कारण None Hint 119. सुभद्राकुमारी चौहान द्वारा रचित साहित्य किस विधा में लिखा गया है? नाटक संस्मरण कहानी कविता None Hint 120. 'थे कयां मुंहोधो महाँ कठ्या सस्ती, लिया री तराजां तोल' पंक्ति में तराजू पर तौलकर लेने से क्या अभिप्राय है? बजन करके लिया जाना नाप-तोलकर लेना तराजू के पलड़े पर रख लेना सोच-समझकर निर्णय लेना None Hint 121. प्रशासनिक कार्यों से संबंधित पत्रों में निम्नलिखित नहीं आता है: कार्यालय ज्ञापन संवेदना पत्र परिपत्र अर्थ सरकारी पत्र None Hint 122. 'प्रियतम' शब्द का विलोम क्या होगा? अप्रिय प्यारा अच्छा प्रेमी None Hint 123. सुपर कंप्यूटर किसे कहते हैं? मिनी कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर डेस्कटॉप कंप्यूटर None Hint 124. कलम से किनकी जय बोलने के लिए कहा जा रहा है? और क्यों? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। शहीद स्वतंत्रता सेनानियों की सैनिकों की नेताओं की कवियों की None Hint 125. टिप्पण पर सहायक किस ओर हस्ताक्षर करता है? दाई ओर बाई और ऊपर की ओर मध्य में None Hint 126. 'अनपढ़ बनाए रखने की साजिश' पाठ के लेखक हैं: राजेंद्र अवस्थी हजारी प्रसाद द्विवेदी राजेन्द्र यादव प्रेमचंद None Hint 127. स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति हमारा क्या कर्तव्य है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। उन्हें सम्मान देना और उनके आदर्शों पर चलना उनके बलिदान को नजरअंदाज करना उन्हें भूल जाना केवल किताबों में पढ़ना None Hint 128. इस कविता का मूल संदेश क्या है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** युद्ध और वीरता का चित्रण बलिदान और सेवा भावना क्रोध और संघर्ष का महत्व जीवन की नश्वरता का भाव None Hint 129. गद्यांश के रचयिता का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए:हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। महादेवी वर्मा राजेन्द्र यादव महावीर प्रसाद द्विवेदी सुभद्राकुमारी चौहान None Hint 130. दैत्यारि, तपःभूमि (संधिच्छेद चुनिए) दैत्यारि = दैत्य + रि, तपःभूमि = तपः + भूमि दैत्यारि = दैत्य + अरि, तपःभूमि = तपः + भूमि दैत्यारि = दैत्य + आरी, तपःभूमि = तप + भूमि दैत्यारि = दैत्य + ऋ, तपःभूमि = तपो + भूमि None Hint 131. 'मी पर कृपा स्नेहु विसेषी' पंक्ति में 'मी' किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। वशिष्ठ तक्ष्मण राम भरत None Hint 132. ‘दीन-दयाल-निवाय’ में कौन-सा अलंकार है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** श्लेष यमक अनुप्रास उपमा None Hint 133. अंतराविभागीय टिप्पण सहायक स्तर और अधिकारी स्तर पर लिखे जाते हैं। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : क्लर्क स्तर पर ही लिखे जाते हैं केवल अधिकारी स्तर पर लिखे जाते हैं सहायक और अधिकारी दोनों स्तरों पर लिखे जाते हैं केवल सहायक स्तर पर लिखे जाते हैं None Hint 134. बड़ों के सम्मुख मुँह न खोलना,________________ | निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। शिष्टाचार की परंपरा है उनसे डरना है दबाव सहन करना है उन्हें प्रसन्न रखना है None Hint 135. 'उत्सव' शब्द के पर्यायवाची कौन-से हैं? दुख, आपदा पर्व, त्योहार यज्ञ, होम उपवास, आयोजन None Hint 136. सुश्रुत संहिता किस पद्धति का ग्रंथ है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: होम्योपैथी तंत्र आयुर्वेद धातुविज्ञान None Hint 137. 'वह तोड़ती पत्थर' कविता में 'वह' से क्या संकेत है?* एक देवता से एक शिक्षिका से एक श्रमिक स्त्री से एक रानी से None Hint 138. रेडियो कैसा माध्यम है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: दृश्य-श्रव्य माध्यम दृश्य माध्यम मुद्रित माध्यम श्रव्य माध्यम None Hint 139. “बालक दौड़ता है।” — इसका भाववाच्य रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : दौड़ना हो रहा है। दौड़ा जाता है। बालक दौड़ रहा है। दौड़ बालक द्वारा की जाती है। None Hint 140. 'मन में नदियों में गंगा' — इस मुहावरे का अर्थ क्या है? मन को बहा देना मन में नदी बह रही हो मन पवित्र होना गंगा जाना मन में हो None Hint 141. 'हो गई है पीर पर्वतों सी' पंक्ति के संदर्भ में लिखिए कि 'पीर का पर्वतों के समान होना से क्या अभिप्राय है? दुर्गम होना विशाल होना अगम्य होना ऊँचा होना None Hint 142. राम के स्वभाव की क्या विशेषता है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। गुरुजनों पर क्रोध करना दृढ़ता पूर्वक बोलना अपराधी पर भी क्रोध न करना चोटों से प्रेम न करना None Hint 143. 'परशुराम के उपदेश' कविता के संदर्भ में 'चट्टानों की छाती से दूध निकालो' से क्या अभिप्राय है? विपरीत परिस्थितियों में अपना मस्तक ऊँचा रखना चट्टानों से अमृत निकालना चट्टानों से जलधारा निकालना विपरीत परिस्थितियों में अपना लक्ष्य प्राप्त करी None Hint 144. उज्वल, कवियत्री (शुद्ध रूप चुनिए) उज्जवल, कवियत्री उज्ज्वल, कवित्री उज्ज्वल, कवियत्री उज्वल, कवित्री None Hint 145. 'अपराधिहु पर कोह न काऊ' कहकर भरत राम के बारे में क्या कहना चाहते हैं? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : राम केवल अपने परिवार के प्रति कोमल हैं, लेकिन समाज के अन्य अपराधियों के प्रति कठोर हैं। भरत राम को एक सामान्य राजा के रूप में दिखाते हैं, जो नियमों के अनुसार सजा और इनाम देता है। राम अत्यंत दयालु, क्षमाशील और धर्मपरायण व्यक्ति हैं जो अपने प्रति अपराध करने वालों पर भी क्रोध नहीं करते। भरत इस पंक्ति के माध्यम से राम के आदर्श चरित्र की प्रशंसा करते हैं, जिसमें वे न्याय और करुणा का समन्वय करते हैं। यह राम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप को दर्शाता है, जो अपने जीवन में किसी के प्रति द्वेष या क्रोध नहीं रखते, चाहे सामने अपराधी ही क्यों न हो। None Hint 146. निम्नलिखित में से कंप्यूटर क्या नहीं कर सकता? प्रयोक्ता की आवाज की पहचान अनगिनत संख्याओं की पहचान वर्तनी शुद्ध करना लंबे समय तक निर्देशों का पहचान None Hint 147. 'ई' प्रत्यय से बने दो शब्द कौन-से हैं? राजा, योद्धा मिठाई, चाय रानी, दानी सुंदर, तेज None Hint 148. राजेंद्र यादव द्वारा संपादित पत्रिका का नाम है: कहानी प्रथम प्रेम हंस काँटे की बात None Hint 149. समाचार का संकलन कौन करते हैं? पाठक दर्शक संपादक संवाददाता None Hint 150. कुटन को 'बडभागी' क्यों कहा गया है? रहीम के काम आने के कारण कालिदास के काम आने के कारण फूलों से लदा होने के कारण रामगिरि पर्वत श्रृंखला पर होने के कारण None Hint Time's up Share: admin Previous post Data Entry Nios plus two June 20, 2025 Next post Hindi Nios Plus Two PQ - II June 21, 2025