Hindi Nios Plus Two PQ – I Welcome to your Hindi Nios Plus Two PQ - I Total Questions: 150 Name Mobile No: 1. 'नेह-जल' में कौन-सा अलंकार है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। रूपक मानवीकरण अतिशयोक्ति उत्प्रेक्षा None Hint 2. स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति हमारा क्या कर्तव्य है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। उन्हें सम्मान देना और उनके आदर्शों पर चलना केवल किताबों में पढ़ना उनके बलिदान को नजरअंदाज करना उन्हें भूल जाना None Hint 3. गद्यांश के पाठ का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए:हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। सुभद्राकुमारी चौहान यक्ष युधिष्ठिर संवाद दो कलाकार कुटज None Hint 4. 'उत्सव' शब्द के पर्यायवाची कौन-से हैं? यज्ञ, होम उपवास, आयोजन दुख, आपदा पर्व, त्योहार None Hint 5. “एक जंगल में दो शेर रहते थे।” — इसका संयुक्त वाक्य रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : दो शेर जंगल में रहते थे। दो शेर एक जंगल में रहते थे। जंगल में दो शेर थे और वे रहते थे। एक जंगल में दो शेर रहते थे, इसलिए वह प्रसिद्ध था। None Hint 6. 'बूढ़ा आदमी बहुत प्रकार मन करे' — यह वाक्य शुद्ध रूप में क्या होगा? बूढ़ा आदमी किसी प्रकार काम करे बूढ़ा आदमी बहुत बूढ़ा है बूढ़ा आदमी मन करता है बूढ़ा आदमी बहुत काम करना चाहता है None Hint 7. ‘दीन-दयाल-निवाय’ में कौन-सा अलंकार है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** अनुप्रास श्लेष उपमा यमक None Hint 8. रामचरितमानस' किसकी रचना है? तुलसी मुक्तिबोध रहीम दिनकर None Hint 9. “अन” प्रत्यय से बने दो शब्द कौन-से हैं? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : अनमोल, अनपढ़ ऊपर, अनाज अनदेखा, अनपढ़ अनजाना, अनोखा None Hint 10. लेखक की दृष्टि में कुटज के पेड़ को 'कूटज' कहना अधिक उचित क्यों है? गिरिकूट पर उत्पन्न होने के कारण मौसम की मार से बेअसर रहने के कारण अद्भुत जिजीविषा के कारण छोटा-सा शानदार वृक्ष होने के कारण None Hint 11. 'संयुक्त परिवार' कविता के आधार पर कवि की बेचैनी का कारण क्या है? कवि को अतिथि के बिना मिले लौट जाने की पीड़ा होती है। कवि को आज की आधुनिक जीवनशैली अच्छी लगती है। कवि को अपने पुराने घर की याद आती है। कवि घर के नियमों से नाराज़ होता है। None Hint 12. 'प्रियतम' शब्द का विलोम क्या होगा? अप्रिय प्रेमी अच्छा प्यारा None Hint 13. बड़ों के सम्मुख मुँह न खोलना,________________ | निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। दबाव सहन करना है उनसे डरना है उन्हें प्रसन्न रखना है शिष्टाचार की परंपरा है None Hint 14. कंप्यूटर पर काम करना आसान क्यों है? यह भाषाएँ नहीं समझता यह धीमा होता है यह निर्देशों पर तेजी से काम करता है इसमें बिजली की ज़रूरत नहीं होती None Hint 15. वार्धक्य का अर्थ है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। शैशवावस्था सुप्तावस्था बुढ़ापा जवानी None Hint 16. 'होत होत ही होय' पंक्ति में अलंकार है: यमक उपमा श्लेष अनुप्रास None Hint 17. अतीत और बर्तमान के बीच की समय की खाई बढ़ने पर क्या परिणाम निकलता है? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियाँ बढ़ने लगती हैं। सामाजिक दूरियाँ बढ़ने लगती हैं। हमारी स्मृतियाँ धूमिल पड़ने लगती हैं। हमारी स्मृतियों में परिवर्तन आने लगता हैं। None Hint 18. 'कब को टेरत दीन रट' दोहे में 'सांसारिक हया लगने' के उलाहने से भक्ति के कौन-से भाम की पुष्टि होती है? उचित विकल्प चुनकर लिखिए: (A) सख्यB) दास्य(C) अंतरंग(D) स्वामी केवल (B (B) और (ID) दोनों (A) और (C) दोनों केवल (D) None Hint 19. 'संयुक्त परिवार' कविता के कवि के घर से कभी कोई बिना मिले क्यों नहीं लौटा ? आवभगत किए जाने के कारण घरवालों के सद्व्यवहार के कारण घर में ताला नहीं लगे होने के कारण संयुक्त परिवार होने के कारण None Hint 20. गुरु वशिष्ठ ने क्या किया? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राम को अयोध्या चलने को कहा भरत को चुप रहने को कहा भरत के मन की बात कह दी राम के मन की बात कह दी None Hint 21. सेल्यूलर जेल की नीचे की चार कोठरियों को 'काल कोठरियाँ' क्यों कहा जाता था? फाँसी दी जाने से पहले कैदियों को वहाँ रखने के कारण कैदियों को सबसे पहले वहीं रखे जाने के कारण काल के समान भयानक दिखाई दिए जाने के कारण साफ-सफाई का उचित प्रबंधन होने के कारण None Hint 22. अंत में मिल मालिक ने क्या उपाय अपनाया? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। मजदूरी दोगुनी कर दी। मजदूरी आधी कर दी और दोगुने मजदूर रख लिए। मजदूरों को निकाल दिया। मशीनें लगवा दीं। None Hint 23. 'परशुराम के उपदेश' कविता में दिनकर जी की भाषागत विशेषताएँ क्या हैं? सरल और बालोपयोगी भाषा ओजपूर्ण और वीर रस से भरपूर भाषा नीति और उपदेशों से युक्त संस्कृतनिष्ठ भाषा शृंगारिक और कोमल भावों वाली भाषा None Hint 24. 'उनकी रेखाएँ और रंग चटकीले होते चलते हैं।' वाक्य में प्रयुक्त 'रेखाएँ और रंग' संकेत करते हैं। दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। आकृति और वर्ग-विन्यास की और रंग-रूप और वेशभूषा की ओर जीवन और व्यक्तित्व की और बनावट और दृश्यता की ओर None Hint 25. 'पीढ़ियाँ और गिट्टियाँ' पाठ में मंदिर में स्थापित देवताओं के नाराज होने का क्या कारण था? युवाओं के द्वारा जीवन का आनंद लेना पेड़ों पर उनके झंडों का न लग पाना युवाओं द्वारा उनकी रॉयल्टी का प्रबंध न करना उनका बाग-बगीचों में नहीं घूम पाना None Hint 26. समाचारों के चयन और संपादन में किसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है? संपादक कैमरामैन फोटोग्राफर रिपोर्टर None Hint 27. 'आँधियों नहीं जिसमें उमंग भरती है' पंक्ति में आँधी' प्रतीक है: बदलाय तेज हवा क्रांति बाधाएँ None Hint 28. “है प्रभो अब यह जीवन नैया तुम्हीं पार लगाओगे” (विराम चिह्न सहित) है प्रभो! अब यह जीवन-नैया तुम्हीं पार लगाओगे। है प्रभो, अब यह जीवन नैया तुम्हीं, पार लगाओगे। है प्रभो अब, यह जीवन नैया, तुम्हीं पार लगाओगे। है, प्रभो! अब, यह जीवन नैया, तुम्हीं पार लगाओगे। None Hint 29. द्विवेदी युग के काव्य की विशेषताओं में शामिल नहीं है: प्रकृति वर्णन मानवतावाद नीति और आदर्श समाज सुधार None Hint 30. किसी विभाग अथवा कार्यालय द्वारा अपने कर्मचारी को निर्देश देने के लिए 'कार्यालय आदेश' का प्रयोग किया जाता है। सही संदेहास्पद गलत संभवतः सही None Hint 31. 'अपराधिहु पर कोह न काऊ' कहकर भरत राम के बारे में क्या कहना चाहते हैं? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : राम अत्यंत दयालु, क्षमाशील और धर्मपरायण व्यक्ति हैं जो अपने प्रति अपराध करने वालों पर भी क्रोध नहीं करते। भरत इस पंक्ति के माध्यम से राम के आदर्श चरित्र की प्रशंसा करते हैं, जिसमें वे न्याय और करुणा का समन्वय करते हैं। यह राम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप को दर्शाता है, जो अपने जीवन में किसी के प्रति द्वेष या क्रोध नहीं रखते, चाहे सामने अपराधी ही क्यों न हो। राम केवल अपने परिवार के प्रति कोमल हैं, लेकिन समाज के अन्य अपराधियों के प्रति कठोर हैं। भरत राम को एक सामान्य राजा के रूप में दिखाते हैं, जो नियमों के अनुसार सजा और इनाम देता है। None Hint 32. “यथासमय” — इसका समास विग्रह और प्रकार क्या है? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : यथा समय – द्वंद्व समास यथा के अनुसार समय – अव्ययीभाव समास समय अनुसार – कर्मधारय समास यथा समय – तत्पुरुष समास None Hint 33. प्रशासनिक कार्यों से संबंधित पत्रों में निम्नलिखित नहीं आता है: परिपत्र कार्यालय ज्ञापन संवेदना पत्र अर्थ सरकारी पत्र None Hint 34. सरकारी पत्रों में पृष्ठांकन होता है। सही आवश्यक नहीं गलत कभी-कभी None Hint 35. 'परशुराम के उपदेश' कविता के संदर्भ में 'चट्टानों की छाती से दूध निकालो' से क्या अभिप्राय है? चट्टानों से अमृत निकालना विपरीत परिस्थितियों में अपना मस्तक ऊँचा रखना विपरीत परिस्थितियों में अपना लक्ष्य प्राप्त करी चट्टानों से जलधारा निकालना None Hint 36. औपचारिक पत्र का भेद नहीं है: सरकारी संबंधियों को लिखे गए पत्र सरकारी कामकाज संबंधी बधाई पत्र None Hint 37. 'वह तोड़ती पत्थर' किस कवि की रचना है? महादेवी वर्मा तुलसी रहीम सूर्यकांत त्रिपाठी निराला None Hint 38. गद्यांश से शिक्षा ग्रहण की जा सकती है: निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। विवेक के काम न लेना अपनी हठता पर अडिग बने रहना परिस्थितियों से तालमेल बनाके रखना परिस्थितियों का विरोध करना None Hint 39. सुभद्राकुमारी चौहान द्वारा रचित साहित्य किस विधा में लिखा गया है? संस्मरण कहानी कविता नाटक None Hint 40. 'बारे उजियारी करें' पंक्ति में अलंकार है: उपमा यमक अतिशयोक्ति श्लेष None Hint 41. "काज पर कछु और है" यह किस कवि की पंक्ति है? मुक्तिबोध तुलसी रहीम बिहारी None Hint 42. यह अंश किस पाठ से लिया गया है और उसके लेखक कौन हैं? निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। दो कलाकार – यशपाल कुटज – डॉ. रामकुमार वर्मा गद्य कैसे पढ़ें – हजारी प्रसाद द्विवेदी आखिरी चट्टान – राहुल सांकृत्यायन None Hint 43. अनुच्छेद में 'कुल्हाड़ी-कुल्हाल' किनके प्रतीक हैं? निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। काट-छाँट के दृढ़ता और सरलता के नष्ट करने के कठोरता के None Hint 44. कुटन को 'बडभागी' क्यों कहा गया है? कालिदास के काम आने के कारण फूलों से लदा होने के कारण रहीम के काम आने के कारण रामगिरि पर्वत श्रृंखला पर होने के कारण None Hint 45. 'सुख-दुःख' में कौन-सा समास है? बहुव्रीहि तत्पुरुष कर्मधारय द्वंद्व None Hint 46. सूचना प्रौद्योगिकी का लाभ नहीं है: शिक्षा का प्रचार प्रसार समाचारों के प्रति रुचि का अभाव मनोरंजन सामाजिक राजनीतिक जागरुकता None Hint 47. संचार माध्यमों से क्या लाभ होता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: केवल मनोरंजन होता है भाषाएँ नष्ट होती हैं सूचना, शिक्षा और जागरूकता मिलती है केवल व्यापार बढ़ता है None Hint 48. 'शैशव की चित्रशाला...... गहरा होता है' पंक्ति में प्रयुक्त 'चित्रों' से अभिप्राय है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। वस्तुओं से व्यक्तियों से तस्वीरों से घटनाओं से None Hint 49. प्रतिवेदन की प्रामाणिकता दिए गए साक्ष्यों तथा तथ्यों पर निर्भर करती है। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : साक्ष्यों तथा तथ्यों पर निर्भर करती है केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर निर्भर होती है केवल अधिकारी के मत पर निर्भर होती है साक्ष्यों और तथ्यों पर निर्भर नहीं करती None Hint 50. पठित, संयुक्त (विलोम शब्द चुनिए) सरल, जोड़ अपठित, पृथक समझ, खुला टालना, मिलाना None Hint 51. एजूसेट का क्या उपयोग है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने के लिए फिल्म देखने के लिए ऑनलाइन गेम के लिए सरकारी दस्तावेज़ स्कैन करने के लिए None Hint 52. उत्पादन बढ़ाने के लिए मालिक ने क्या उपाय सोचा? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। मिल को बंद करना। मजदूरों को चार हाथ देना। मशीनों को आराम देना। मजदूरों को अधिक वेतन देना। None Hint 53. 'आषाढ़स्य प्रथम दिवसे' में यक्ष ने किन फूलों से मेषों को अभ्यर्थना की थी? कुटन बकुल मल्लिका नौलोत्पल None Hint 54. भरत की आँखें सदैव किसकी प्यासी बनी रही? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राम के प्रेम की माता कैकयी के प्रेम की राजा दशरथ के प्रेम की राम के दर्शनों की None Hint 55. स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के साक्षी कौन हैं? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। सूर्य, चंद्रमा, भूगोल, खगोल इतिहासकार नेता आम जनता None Hint 56. सुश्रुत संहिता किस पद्धति का ग्रंथ है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: होम्योपैथी धातुविज्ञान आयुर्वेद तंत्र None Hint 57. गुरुत्वाकर्षण शक्ति किसे कहते हैं? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: चुम्बकीय शक्ति गुरुत्वाकर्षण शक्ति विद्युत शक्ति प्रेरण शक्ति None Hint 58. निम्नलिखित में से कंप्यूटर क्या नहीं कर सकता? प्रयोक्ता की आवाज की पहचान वर्तनी शुद्ध करना अनगिनत संख्याओं की पहचान लंबे समय तक निर्देशों का पहचान None Hint 59. सुपर कंप्यूटर किसे कहते हैं? मिनी कंप्यूटर डेस्कटॉप कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर None Hint 60. 'नीलाम्बर' में कौन-सा समास है? बहुव्रीहि अव्ययीभाव द्वंद्व तत्पुरुष None Hint 61. राम के स्वभाव की क्या विशेषता है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। अपराधी पर भी क्रोध न करना गुरुजनों पर क्रोध करना चोटों से प्रेम न करना दृढ़ता पूर्वक बोलना None Hint 62. 'लिए बिना गर्दन का मोल' का क्या आशय है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। गर्दन का मूल्य लेकर बलिदान देना सम्मान के बदले जान देना सिर झुकाकर बलिदान देना बिना किसी स्वार्थ या लाभ के बलिदान देना None Hint 63. दैत्यारि, तपःभूमि (संधिच्छेद चुनिए) दैत्यारि = दैत्य + आरी, तपःभूमि = तप + भूमि दैत्यारि = दैत्य + ऋ, तपःभूमि = तपो + भूमि दैत्यारि = दैत्य + अरि, तपःभूमि = तपः + भूमि दैत्यारि = दैत्य + रि, तपःभूमि = तपः + भूमि None Hint 64. हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में क्या अंतर है? हार्डवेयर एक ऐप है सॉफ्टवेयर बिना बिजली चलता है दोनों केवल मेमोरी हैं हार्डवेयर दृश्य होता है, सॉफ्टवेयर अदृश्य None Hint 65. कलम से किनकी जय बोलने के लिए कहा जा रहा है? और क्यों? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। कवियों की सैनिकों की नेताओं की शहीद स्वतंत्रता सेनानियों की None Hint 66. 'पाच्य' और 'नूतन' के विलोम शब्द चुनिए: व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : अपाच्य, प्राचीन सुपाच्य, जर्जर सुपाच्य, पुरातन अपाच्य, पुराना None Hint 67. 'पृथ्वी' का पर्यायवाची शब्द कौन-सा है? भूमि आकाश जल अग्नि None Hint 68. 'नेह-जल' में कौन-सा अलंकार है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं विचारू।। पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं मैं काहा।। मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ। मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।। सिसुपन तें परि हरेहैं न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जिथै जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। उत्प्रेक्षा रूपक अतिशयोक्ति मानवीकरण None Hint 69. इस कविता के कवि और काव्यशैली का नाम क्या है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** अज्ञात – नीति काव्य रहीम – रीतिकाव्य कबीर – निर्गुण भक्ति काव्य तुलसीदास – रामभक्ति काव्य None Hint 70. ओ बी वैन के प्रचलन से क्या सुविधा होने लगी है? संपादकीय लेखन आसान हो गया मोबाइल से समाचार भेजने की दूरदर्शन पर विज्ञापन दिखाने की समाचारों का सीधा प्रसारण संभव हुआ None Hint 71. 'हमारी सोसायटी में दो गार्ड हैं' कथन प्रयुक्ति के आधार पर किस भेद के अंतर्गत आता है? कार्यालयी हिंदी साहित्यिक हिंदी सामान्य व्यवहार या बोलचाल की हिंदी संचार माध्यम की हिंदी None Hint 72. निम्नलिखित में सत्य कथन है: अखबारों से जागरूकता नहीं आती मुद्रित माध्यम स्थायी नहीं है श्रव्य माध्यम सुनाई नहीं पड़ता टी.वी. दृश्य श्रव्य माध्यम है None Hint 73. भरत की आँखे सदैव किसकी प्यासी बनी रही? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राजा दशरथ के प्रेम की राम के दर्शनों की राम के प्रेम की माता कैकयी के प्रेम की None Hint 74. “निरपराधी व्यक्ति को सजा नहीं मिलनी चाहिए।” वाक्य का शुद्ध रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : निरपराध व्यक्ति को दंड नहीं होना चाहिए। निरपराधी व्यक्ति को दंड नहीं मिलना चाहिए। निर्दोष व्यक्ति को दंड नहीं मिलना चाहिए। निरपराध व्यक्ति को सजा नहीं मिलनी चाहिए। None Hint 75. 'अर्थ सरकारी पत्र मैत्री भाव में लिखे जाते हैं।' आवश्यक नहीं गलत सही आंशिक रूप से सही None Hint 76. अच्छे पत्र का गुण नहीं है: सरलता प्रभावशीलता क्लिष्टता संक्षिप्तता None Hint 77. हिंदी साहित्य के भारतेंदु युग में कविताओं में प्रमुख स्वर रहा है: प्रयोगवाद देश भक्ति प्रेम और सौंदर्य छायावाद None Hint 78. 'ई' प्रत्यय से बने दो शब्द कौन-से हैं? राजा, योद्धा मिठाई, चाय सुंदर, तेज रानी, दानी None Hint 79. 'चीफ की दावत' पाठ में शामनाथ किस वर्ग का प्रतिनिधित्व कर रहा है? मध्यम वर्ग का निम्न वर्ग का उच्य वर्ग का सामान्य वर्ग का None Hint 80. 'थे कयां मुंहोधो महाँ कठ्या सस्ती, लिया री तराजां तोल' पंक्ति में तराजू पर तौलकर लेने से क्या अभिप्राय है? नाप-तोलकर लेना तराजू के पलड़े पर रख लेना बजन करके लिया जाना सोच-समझकर निर्णय लेना None Hint 81. हिंदी साहित्य की सूफी काव्य की विशेषता में शैली है: अवधी भसनवी पहलवी बारहमासा None Hint 82. अत्याचार, पालक (उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए) अत्याचार = आ + आचार, पालक = पाल + इक अत्याचार = अत्य + चार, पालक = पालक (कोई प्रत्यय नहीं) अत्याचार = अत + याचार, पालक = पालक + ण अत्याचार = अत्य + आचार, पालक = पाल + अक None Hint 83. “बालक दौड़ता है।” — इसका भाववाच्य रूप क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : दौड़ा जाता है। दौड़ना हो रहा है। दौड़ बालक द्वारा की जाती है। बालक दौड़ रहा है। None Hint 84. भास्कराचार्य का संबंध था: गणित और खगोल रसायन भौतिकी धातु विज्ञान None Hint 85. 'वह तोड़ती पत्थर' कविता में 'वह' से क्या संकेत है?* एक श्रमिक स्त्री से एक रानी से एक देवता से एक शिक्षिका से None Hint 86. लेखिका और सुभद्राकुमारी के बीच किस प्रकार के संबंध थे? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। पारीवारिक कामकाजी औपचारिक रागात्मक None Hint 87. 'नवरस' शब्द का संधि विच्छेद क्या है? नवा + रस नव: + रस नव + रस्स नव + रस None Hint 88. बड़ों के सम्मुख मुँह न खोलना____________| निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। उन्हें प्रसन्न रखना है दबाव सहन करना है शिष्टाचार की परंपरा है उनसे डरना है None Hint 89. कष्टप्रद स्थिति में जीवन धारण करने वाले कुटज के समान अपने जीवन की किसी घटना का उदाहरण दीजिए। निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। गर्मी की छुट्टियों में यात्रा करना। परीक्षा में कम अंक आना। मित्र के साथ क्रिकेट खेलना। महामारी में मोबाइल न होते हुए भी पढ़ाई जारी रखना। None Hint 90. चार हाथों का विचार मालिक को क्यों अच्छा लगा? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। मजदूरों को खुशी मिलती। काम कम हो जाता। मजदूरों को सम्मान मिलता। काम तेज़ होता और मुनाफा बढ़ता। None Hint 91. समाचार का संकलन कौन करते हैं? संवाददाता पाठक संपादक दर्शक None Hint 92. “इतिहासिक, आशिवार्द” — इनका शुद्ध रूप क्या है? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : इतिहासक, असीर्वाद एतिहासिक, आशिर्वाद ऐतिहासिक, आशीर्वर्ध ऐतिहासिक, आशीर्वाद None Hint 93. गद्यांश के रचयिता का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। राजेन्द्र यादव महावीर प्रसाद द्विवेदी महादेवी वर्मा सुभद्राकुमारी चौहान None Hint 94. अतीत और वर्तमान के बीच की समय की खाई बढ़ने पर क्या परिणाम निकलता है? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। हमारी स्मृतियों में परिवर्तन आने लगता हैं। हमारी स्मृतियाँ धूमिल पड़ने लगती हैं। सामाजिक दूरियाँ बढ़ने लगती हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियाँ बढ़ने लगती हैं। None Hint 95. 'हो गई है पीर पर्वतों सी' पंक्ति के संदर्भ में लिखिए कि 'पीर का पर्वतों के समान होना से क्या अभिप्राय है? दुर्गम होना विशाल होना अगम्य होना ऊँचा होना None Hint 96. 'भेड़िया' कविता में भेड़िया प्रतीकार्य है: शोषक वर्ग का हिंसा का सामूहिक चेतना का शोषित वर्ग का None Hint 97. 'चीफ की दावत' पाठ के लेखक का क्या नाम है? मन्नू भंडारी मोहन राकेश भीष्म साहनी अमृतलाल नागर None Hint 98. गद्यांश से लेखक की धारणा स्पष्ट होती है: निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। दृढ़ता और जीवंतता की दृढ़ता और जड़ता की कठोरता और मृदुता की हठता और अहंभावना की None Hint 99. पंचवटी (समास पहचानिए) कर्मधारय तत्पुरुष बहुव्रीहि द्वंद्व None Hint 100. इसमें लेखक क्या संदेश देना चाहता है? लिखिए। निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती तू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जल स्रोत से बरवस रस खींचकर सरस बना हुआ है। जीवन की समस्याओं से भाग जाना चाहिए। जीवन को मौन और कठोरता से जीना चाहिए। कठिन परिस्थितियों में भी सुंदरता और आशा को बनाए रखना चाहिए। केवल प्रकृति ही सबसे बड़ी प्रेरणा है। None Hint 101. वह उठ नहीं सकता। (भाववाच्य में वाक्य) वह उठता नहीं है। उससे उठाया नहीं जा सकता। उसके द्वारा उठना संभव नहीं है। उठ नहीं सकता वह। None Hint 102. महादेवी वर्मा की कविता में किन भावनाओं की अभिव्यक्ति हुई है?* देशभक्ति और युद्ध भावना प्रेम और हास्य सौंदर्य और प्रकृति वियोग, करुणा और आत्मबोध None Hint 103. 'चीफ की दावत' पात साहित्य की किस विधा में लिखा गया है? एकांकी संस्मरण कहानी निबंध None Hint 104. तुलसी ने रामचरितमानस में सर्वाधिक किस छंद का प्रयोग किया है?* सोरठा दोहा सवैया चौपाई None Hint 105. 'पीड़ियाँ और गिट्टियाँ' पाठ के वयोवृद्ध साहित्यकार जेब में क्या रखकर घूमते थे? मोटा चश्मा सुनने वाली मशीन पाचन चूरन निमोनिया की दवा None Hint 106. 'पदमाकर' द्वारा रचित कविता में किस त्योहार का वर्णन किया गया है? होली वसंत पंचमी दशहरा दीवाली None Hint 107. 'क्या भूलूँ क्या याद करूँ मैं' में कवि स्मृतियों के द्वंद्व से मुक्ति की कामना क्यों करता है? क्योंकि वह भविष्य में जीना चाहता है। क्योंकि वह सब कुछ भूल जाना चाहता है। क्योंकि स्मृतियाँ उसे बेचैन करती हैं। क्योंकि वह अपने अतीत को नकारता है। None Hint 108. 'अस्वस्थ होने वाला' के लिए एक शब्द क्या है? डॉक्टर स्वस्थ रोगी निरोगी None Hint 109. 'मन में नदियों में गंगा' — इस मुहावरे का अर्थ क्या है? मन पवित्र होना मन को बहा देना गंगा जाना मन में हो मन में नदी बह रही हो None Hint 110. टिप्पण पर सहायक किस ओर हस्ताक्षर करता है? बाई और मध्य में ऊपर की ओर दाई ओर None Hint 111. ग्रीष्म ऋतु के जाते ही वर्षा ऋतु आ गई। (संयुक्त वाक्य चुनिए) ग्रीष्म ऋतु के जाते ही, वर्षा ऋतु का इंतजार हुआ। ग्रीष्म ऋतु जाएगी तभी वर्षा ऋतु आएगी। ग्रीष्म ऋतु गई, और वर्षा ऋतु आ गई। वर्षा ऋतु तब आती है जब ग्रीष्म ऋतु जाती है। None Hint 112. 'वह तोड़ती पत्थर' कविता में किस ऋतु का वर्णन है? ग्रीष्म शरद शिशिर हेमंत None Hint 113. उज्वल, कवियत्री (शुद्ध रूप चुनिए) उज्ज्वल, कवित्री उज्ज्वल, कवियत्री उज्वल, कवित्री उज्जवल, कवियत्री None Hint 114. सोना और धतूरा की तुलना किस कवि ने की है? बिहारी मुक्तिबोध तुलसी रहीम None Hint 115. सामयिक और रोजमर्रा के टिप्पण को नेमी टिप्पण कहते हैं। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : सही — इन्हें नेमी टिप्पण कहा जाता है गलत — इन्हें विशिष्ट टिप्पण कहा जाता है सही — क्योंकि ये केवल आदेशात्मक होते हैं गलत — इन्हें स्थायी टिप्पण कहा जाता है None Hint 116. 'जड़' शब्द का सही अर्थ है:* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। दूँठ निर्जीव मूल स्थिर None Hint 117. 'मी पर कृपा स्नेहु विसेषी' पंक्ति में 'मी' किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राम भरत तक्ष्मण वशिष्ठ None Hint 118. “मुरारि, अधःगति” — संधि/संधिच्छेद क्या होगा? व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : मुर+आरि, अध+गति मु+रारि, अधगति मुरारि, अधगति (कोई संधि नहीं) मुरा+रि, अधः+गति None Hint 119. गद्यांश के रचयिता का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए:हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। महावीर प्रसाद द्विवेदी महादेवी वर्मा सुभद्राकुमारी चौहान राजेन्द्र यादव None Hint 120. कुमुद युद्ध में कुंजर सिंह के साथ क्यों जाना चाहती है? नरपति सिंह से पीछा छुड़ाने के कारण अलीमर्दान से डर जाने के कारण देवी सिंह की महत्त्वाकांक्षापर अपना बलिदान देना चाहती है कुंजर सिंह से प्रेम करने के कारण None Hint 121. 'अनपढ़ बनाए रखने की साजिश' पाठ के लेखक हैं: राजेंद्र अवस्थी हजारी प्रसाद द्विवेदी राजेन्द्र यादव प्रेमचंद None Hint 122. भारतीय चिकित्सा पद्धति का सर्वप्रथम ज्ञान किस ग्रंथ में मिलता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए: उपनिषद ऋग्वेद अथर्ववेद महाभारत None Hint 123. यह गद्यांश किस पाठ से लिया गया है?* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। एक था पेड़ एक था दूँठ गद्य कैसे पढ़ें आखिरी चट्टान दो कलाकार None Hint 124. आप अपने जीवन की किसी आश्चर्यजनक घटना का अनुभव लगभग 40 शब्दों में लिखिए। छुट्टियों में मैंने दोस्तों के साथ मस्ती की और पिकनिक मनाई। एक बार परीक्षा के दिन सुबह मैं देर से उठा और सोच रहा था कि पेपर छूट जाएगा, लेकिन जैसे ही पहुँचा, पेपर देर से शुरू हुआ। यह मेरे लिए चमत्कार जैसा अनुभव था। स्कूल जाते समय मैं रोज बस पकड़ता हूँ, और बस समय पर आ जाती है। एक बार मैं पार्क में खेल रहा था, और अचानक बिजली चली गई। None Hint 125. 'मैं नीर भरी दुख की बदली' की पंक्ति 'नभ के नवरंग बुनते दुकूल' में कौन-सा अलंकार है? यमक अनुप्रास उपमा रूपक None Hint 126. पाठ्यपुस्तक में संकलित पद्माकर का काव्य-पाठ किस बंद में लिखा गया है? कुंडलिया दोहा सवैया चौपाई None Hint 127. मिल मालिक अजीब बातें क्यों सोचता था? निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:एक मिल मालिक के दिमाग में अजीब-अजीब खयाल आया करते थे जैसे सारा संसार मिल हो जाएगा। सारे लोग मजदूर और वह उनका मालिक या मिल में और चीजों की तरह आदमी भी बनने लगेंगे। तब मजदूरी भी नहीं देनी पड़ेगी। एक दिन उसने सोचा मजदूरों के अगर चार हाथ हों तो काम तेजी से हो और मुनाफा भी ज्यादा। उसने लोहे के हाथ मंगवाकर मजदूरों में फिट करवा दिए, पर मजदूर मर गए। आखिर में वह समझ गया। उसने मजदूरी आधी कर दी और दोगुने नौकर रख लिये। उसे विज्ञान में रुचि थी। वह मजदूरी बाँटना चाहता था। वह सारा संसार अपनी मिल बनाना चाहता था। वह मजदूरों की मदद करना चाहता था। None Hint 128. 'अधीरता' शब्द में कौन-सा उपसर्ग है? अधीर ता धीर अ None Hint 129. शामनाथ और उसकी पत्नी को पसीना पोंछने की फुर्सत क्यों नहीं थी? चौफ की दावत का प्रबंध करने के कारण काम करने की आदत न होने के कारण नौकर के अचानक छुट्टी पर चले जाने के कारण घर को व्यवस्थित करने के कारण None Hint 130. वह अनेकों मामलों में गवाह था। (शुद्ध वाक्य चुनिए) वह अनेकों मामलों में गवाह था। वह अनेक मामले में गवाह था। वह अनेकों मामला में गवाह था। वह अनेक मामलों में गवाह था। None Hint 131. लेखिका और सुभद्राकुमारी के बीच किस प्रकार के संबंध थे? दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। पारीवारिक औपचारिक कामकाजी रागात्मक None Hint 132. इस कविता का मूल संदेश क्या है? कहते एक कपोतआई मृत्यु मूर्त छायजगत तापसेव सों किञ्चि,दीन-दयाल-निवाय।।"** बलिदान और सेवा भावना क्रोध और संघर्ष का महत्व युद्ध और वीरता का चित्रण जीवन की नश्वरता का भाव None Hint 133. "जीवन, रह जाय चुप निर्द्वन्द्व" मौन कविता की इस पंक्ति से कवि क्या कहना चाहता है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : कवि कहना चाहता है कि जीवन को बिना किसी द्वंद्व, संघर्ष और शोर-शराबे के शांतिपूर्वक जीना चाहिए। यह पंक्ति दर्शाती है कि सच्चा सुख और संतोष बाहरी आडंबर या शोरगुल में नहीं, बल्कि मौन और भीतर की शांति में है। कवि चाहते हैं कि मनुष्य बाह्य दिखावे से दूर रहकर भीतर की सच्चाई से जुड़ जाए। कवि इस पंक्ति से यह कहना चाहते हैं कि जीवन को बिना किसी विचार, संघर्ष या उद्देश्य के निष्क्रिय रह जाना चाहिए, जिससे कोई दुख या जिम्मेदारी न हो। यह एक प्रकार की पलायन की भावना है। None Hint 134. None 135. 'उनकी रेखाएँ और रंग......... चटकीले होते चलते हैं।' वाक्य में प्रयुक्त 'रेखाएँ और रंग' संकेत करते हैं: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए: हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता वे फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से घुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है। मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्य का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतने वर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। आकृति और वर्ण-विन्यास की और रंग-रूप और वेशभूषा की ओर जीवन और व्यक्तित्व की ओर बनावट और दृश्यता की और None Hint 136. रेडियो कैसा माध्यम है? निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए: श्रव्य माध्यम मुद्रित माध्यम दृश्य माध्यम दृश्य-श्रव्य माध्यम None Hint 137. 'शैशव की चित्रशाला गहरा होता है' पंक्ति में प्रयुक्त' चित्रों' से अभिप्राय है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। तस्वीरों से घटनाओं से व्यक्तियों से वस्तुओं से None Hint 138. संचार माध्यमों का उद्देश्य है: भ्रष्टाचार फैलाना मनोरंजन करना सूचना छिपाना विद्यालय खोलना None Hint 139. गद्यांश के पाठ का नाम है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। यक्ष-युधिष्ठिर संवाद दो कलाकार कुटज सुभद्राकुमारी चौहान None Hint 140. किसके नेत्रों से अबु बहने लगे? निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अधाई।लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कतु करहिं विचारू।।पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाड़े।कहब मीर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहीं में काहा।।मैं जानकै निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।मो पर कृपा सनेहु विसेषी। खेलत खुनिस न कब हूँ देखी।।सिसुपन तें परि हरेहें न संगू। कबहुँ न कीना मोर मन भंगू ।।में प्रभु कृपा रीति जिर्थ जोड़ी। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही ।। राम भरत कैकयों मुनि None Hint 141. अंतराविभागीय टिप्पण सहायक स्तर और अधिकारी स्तर पर लिखे जाते हैं। निम्नलिखित प्रश्नों के सही और गलत वाक्य चुनकर लिखिए : क्लर्क स्तर पर ही लिखे जाते हैं केवल सहायक स्तर पर लिखे जाते हैं सहायक और अधिकारी दोनों स्तरों पर लिखे जाते हैं केवल अधिकारी स्तर पर लिखे जाते हैं None Hint 142. रीतिकाल के रीतिपरक काव्य धारा के नीतिपरक रचनाओं के प्रमुख कवि हैं: गिरिधर मतिराम घनानंद बिहारी None Hint 143. इतिहास को अंधा क्यों कहा है? जला अस्थियाँ बारी-बारी चटकाई जिनमें चिंगारी,जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर,लिए बिना गर्दन का मोल।कलम, आज उनकी जय बोत।जो अगणित लघु दीप हमारेतूफानों में एक किनारे, माँगा नाहीं खेह मुँह खोलजल-जलाकर बुझ गए किसी दिनकलम, आज उनकी जय बोलपीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएँ जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक दोल कलम, आज उनकी जय बोलअंधा, चकाचौध का माराक्या जाने इतिहास बेचारासाखी हैं उनकी महिमा के,सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल।कलम, आज उनकी जय बोल। उसमें चित्र नहीं होते वह भुलक्कड़ होता है उसमें जानकारी नहीं है वह सब कुछ देख नहीं सकता None Hint 144. 'मौन' कविता में कवि कैसे जीवन की कामना करता है?* शांत और गहरे जीवन की संघर्षमय जीवन की विलासितापूर्ण जीवन की तेज और उत्तेजक जीवन की None Hint 145. 'अतिशय' और 'लेखक' से उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए: व्याकरण संबंधी निम्नलिखित प्रश्नों के निर्देशानुसार उत्तर लिखिए : अति+श, ले+खक अति+शय, लेख+क अति+शय, लेख+ख अत+ई+शय, ले+खक None Hint 146. वार्धक्य का अर्थ है: दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए हमारे शैशवकालीन अतीत और प्रत्यक्ष वर्तमान के बीच में समय-प्रवाह का पाट ज्यों-ज्यों चौड़ा होता जाता है त्यों-त्यों हमारी स्मृति में अनजाने ही एक परिवर्तन लक्षित होने लगता है, शैशव की चित्रशाला के जिन चित्रों से हमारा रागात्मक संबंध गहरा होता है, उनकी रेखाएँ और रंग इतने स्पष्ट और चटकीले होते चलते हैं कि हम वार्धक्य की धुँधली आँखों से भी उन्हें प्रत्यक्ष देखते रह सकते हैं। पर जिनसे ऐसा संबंध नहीं होता ये फीके होते-होते इस प्रकार स्मृति से धुल जाते हैं कि दूसरों के स्मरण दिलाने पर भी उनका स्मरण कठिन हो जाता है।मेरे अतीत की चित्रशाला में बहिन सुभद्रा से मेरे सख्म का चित्र पहली कोटि में रखा जा सकता है, क्योंकि इतनेवर्षों के उपरांत भी उसकी सब रंग-रेखाएँ अपनी सजीवता में स्पष्ट हैं। सुप्तावस्था जवानी बुढ़ापा शैशवावस्था None Hint 147. इस पाठ के लेखक हैं:* निम्नलिखित पठित अनुच्छेद से दिए गए प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखए:कुल्हाड़ी और कुदाल, कुदाल और कुल्हाड़ी मैंने बार-बार इन शब्दों को दोहराया और तब आया मेरे मन में यह वाक्य विश्व की भाषा है दे ले विश्व की जीवन-प्रणाली है, कह-सुन, विश्व की यात्रा का पथ है मान, मना अर्थात् हिल भी शुक भी, पर जो इन्हें भूलकर जड़ हो जाता है, वह दूँठ हो, पर्वत का शिखर हो अहंकारी मानव ही, विश्व उससे जिस भाषा में बात करता है उसी के प्रतिनिधि हैं ये कुल्हाड़ी कुदाल। हरिशंकर परसाई रामचंद्र शुक्ल राजेंद्र यादव कन्हैया प्रभाकर None Hint 148. राजेंद्र यादव द्वारा संपादित पत्रिका का नाम है: हंस काँटे की बात कहानी प्रथम प्रेम None Hint 149. वैदिक युग के लोग प्रयोग नहीं करते थे: लोहा ताँबा कौसा चाँदी None Hint 150. 'विराटा की पद्मिनी' उपन्यास के रचयिता कौन हैं? रामचंद्र शुक्ल लक्ष्मीनारायण लाल वृंदावनलाल वर्मा जयशंकर प्रसाद None Hint Time's up Share: admin Previous post Data Entry Nios plus two June 20, 2025 Next post Hindi Nios Plus Two PQ - II June 21, 2025